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पुराना इंजन झेल नहीं पाया मौसम का रौद्र रूप, जान बचाने तैरते वक्त पानी में डूबे गांवों के अवशेषों में फंसकर भी गई होंगी जानें

bargi cruise tragedy: मध्य प्रदेश के जबलपुर बरगी डैम के हादसे में तकनीकी खामियां बन सकती हैं बड़ी वजह, एक्सपर्ट ने जताया बड़ा अंदेशा

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bargi cruise tragedy Technical Flaws in Cruise Exposed why sink

bargi cruise tragedy Technical Flaws in Cruise Exposed why sink (photo:patrika)

bargi cruise tragedy: मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के बरगी में क्रूज हादसा तेज आंधी के चलते आया। देखते ही देखते कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। अपनों को खोने वालों की चीख-पुकार से पूरा पिकनिक स्पॉट मातम और डर के साये में डूब गया।

बरगी बांध में संचालित क्रूज क्यों डूबा (bargi cruise tragedy) जांच के बाद ही सही कारणों का पता चल पाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि क्रूज के डूबने के तकनीकी और प्राकृतिक दोनों कारण हो सकते हैं। लेकिन स्थिर बैकवॉटर में इसके डूबने के पीछे ऊंची लहरें, सेंटर ऑफ ग्रेविटि का बिगड़ना इंजन फैल्योर हो सकता है। धूल भरी आंधी से दृश्यता शून्य हो गई थी। ऐसे में यदि इंजन में खराबी या लहरों का दबाव बढ़े, तो क्रूज अनियंत्रित होकर पानी के दबाव को झेलने में सक्षम नहीं रहता।

अनियंत्रित होने के तकनीकी कारण

क्रूज की स्थिति

क्रूज मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से संचालित किया जा रहा था क्रूज (bargi cruise tragedy)। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुराना इंजन विपरीत लहरों के हिसाब से उतनी शक्ति पैदा नहीं कर पाता, जिससे क्रूज लहरों की दिशा में बहने लगता है।

क्रूज इंजन बंद होना

आंधी के दौरान पानी की लहरें इंजन के एयर इनटेक या एग्जॉस्ट में घुस सकती हैं। इंजन बंद होने पर क्रूज पलटने की स्थिति में आ जाता है।

ब्रॉडसाइड पॉजिशन

नाव का अगला हिस्सा लहरों के सामने होना चाहिए, यदि हवा ने क्रूज घुमा दिया और लहरों के समानांतर हो गया, तो लहरें उसे पलटा सकती हैं।

ओवरलोडिंग सेंटर ऑफ ग्रेविटी

क्रूज हिलने लगा होगा (bargi cruise tragedy), तो यात्री डर के मारे एक तरफ झुके होंगे। क्रूज का संचालन बिगड़ा और एक तरफ ज्यादा झुक गया होगा।

अचानक उठने वाला लोकल स्टॉर्म

बरगी डैम में जलभराव क्षेत्र इतना बड़ा है कि माइक्रो-क्लाइमेट विकसित हो जाता है। अचानक स्क्वॉल या तेज हवा के झोंके आते हैं।

भंवर और गहराई का अंदाजा न होना

बरगी बांध का तल काफी उबड़-खाबड़ है, क्योंकि वहां कई गांव डूबे हैं। पानी के नीचे पूराने पेड़ों के अवशेष और मकानों के ढांचे आज भी हैं। हादसों (bargi cruise tragedy) के दौरान कई बार लोग तैरने की कोशिश करते हैं, लेकिन पानी के नीचे मौजूद इन झाड़ियों या मलबे में फंस जाते हैं। बैकवॉटर के कुछ हिस्सों में तेज हवा के कारण भंवर भी बनते हैं, जो बेहत घातक साबित होते हैं।