शहर की बेटी है स्निग्धा सेठ, युवाओं से कहा-नया सीखते रहें
जबलपुर. बहन ने डांस कोरियोग्राफ किया तो मम्मी-पापा और अंकल ने ब्रेन बूस्ट करने का काम किया। सभी के सपोर्ट से ही मंच पर आत्मविश्वास बना रहा और मैंने यह खिताब अपने नाम कर लिया। यह कहना है शहर की बेटी स्निग्धा सेठ का। वे रविवार को श्रीलंका से मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब लेकर लौटी हैं। पत्रिका से विशेष बातचीत में उन्होंने अपने कॅरियर से जुड़ी बातें साझा की।
मिस रैम्पवॉक और मिस नॉर्थ इंडिया का भी खिताब
स्निग्धा ने बताया कि पिछले साल उन्होंने मिस टीनएज कॉम्पीटिशन में हिस्सा लिया था, जिसमें वह टॉप फाइनलिस्ट में शामिल रहीं। इस बार उन्होंने मिस इंडिया इंटरनेशनल के लिए अप्लाई किया। पिछले अनुभवों को देखते हुए स्निग्धा को डायरेक्ट एंट्री मिली। पिछले साल जो ट्रेनिंग ली थी, वह इस कॉम्पीटिशन के लिए काम आई। उन्होंने कई पार्टिसिपेंट्स को पछाड़ते हुए खिताब जीत लिया। स्निग्धा ने बताया कि यह कॉम्पीटिशन बढ़ते-बढ़ते काफी मुश्किल हो गया था। सभी मुकाबले में बेस्ट थे, लेकिन उन्होंने कॉन्फिडेंस लूज नहीं होने दिया। वे कहती हैं कि परिवार के सपोर्ट के साथ-साथ मेंटर प्रीति कुमार का रोल भी अहम रहा। उनके ड्रेसिंग आइडिया की वजह से ही फाइनल राउंड में वेटेज मिला। उन्होंने जिस तरह का ड्रेस सजेस्ट किया था, वह इंटरनेशनल लेवल पर लोगों को काफी पसंद आया। उन्हें खिताब के साथ ही दो अन्य टाइटल मिस रैम्पवॉक और मिस नॉर्थ इंडिया का भी खिताब मिला। स्निग्धा ने बताया कि इस कॉम्पीटिशन के लिए चाल के साथ-साथ माइंड और टैलेंट भी होना
जरूरी है। स्निग्धा शीतल-शैलेष सेठ की बेटी हैं।
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जर्नलिस्ट बनना है
स्निग्धा नोयडा में रहकर जर्नलिस्ट की पढ़ाई कर रही हैं। उनका सपना है कि वह प्रिंट मीडिया में काम करें। इसके साथ ही वे फैशन और ब्यूटी से जुड़े ऑफर्स को एक्सेप्ट करना चाहती हैं। वे अब नॉर्थ इंडिया की ब्रांड एम्बेसडर चुनी गई हैं, जो कि २०१८ में होने जा रहे मिस यूनिवर्स कॉम्पीटिशन में हिस्सा लेंगी।
हमेशा नया सीखें
स्निग्धा ने मॉडलिंग के क्षेत्र में खुद को ग्रूम करने के लिए तकरीबन डेढ़ साल की ट्रेनिंग ली। वे कहती हैं कि टीवी में कई रैम्प शो देखती थी, लेकिन उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि एक दिन वे खुद ही रैम्प वॉक करती नजर आएंगी। स्निग्धा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि हमेशा नया सीखने की कोशिश करें, क्योंकि जो सीखा है, वह कभी न कभी आपके काम जरूर आता है।