
bhagya uday ke upay aaj ka rashifal hindi
जबलपुर। दैनिक जीवन में ऐसा कई बार होता है जब काम बनते-बनते बिगड़ जाता है। कई लोगों की किस्मत तो हर बार दगा देती है। हम सोचते हैं और कहते भी हैं कि किस्मत जरा सा साथ देती तो यह काम हो जाता। भाग्य का ऐसे रूठने का कारण जानना और इसका समाधान करना बहुत जरूरी है।
ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार देवगुरु बृहस्पति धन के साथ ही भाग्य के भी कारक हैं। कुंडली में इनकी स्थिति से यह तय होता है कि आपको भाग्य का साथ कितना मिलेगा? यदि कुंडली बृहस्पति अच्छी स्थिति में हैं, शुभ हैं, कारक हैं तो आपका भाग्य जरूर साथ देता रहेगा लेकिन यदि बृहस्पति देव की स्थिति कुंडली में अच्छी नहीं है तो इससे उलट होगा। बृहस्पति अच्छी स्थिति में नहीं हैं, अशुभ हैं, अकारक हैं तो भाग्य हमेशा दगा देता रहेगा। याद रहे कि देवगुरु बृहस्पति नवग्रहों में सबसे शुभ ग्रह माने जाते हैं और प्राय: शुभ फल ही देते हैं पर शत्रु राशि, नीच राशि, अकारक , अस्त आदि होने पर इनके बुरे प्रभाव मिलते हैं। कुंडली में गुरु की स्थिति अच्छी नहीं होने पर दांपत्य जीवन पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है और जीवन में हमेशा धन की तंगी परेशान करती रहती है। भाग्य का साथ प्राप्त करने के लिए देवगुरु की कृपा जरूरी है और कुछ उपाय कर उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है।
बृहस्पति की प्रसन्नता के लिए करें मंत्र जाप
देवगुरु की कृपा प्राप्त करने का सबसे सहज और प्रभावी उपाय है उनके मंत्रों का जाप करना। शुक्ल पक्ष के किसी भी गुरुवार से निम्र लिखित गुरु मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का जाप शुरु करें। किसी भी एक मंत्र का 40 दिनों में 19 हजार जाप पूर्ण करें। इसके बाद आपको देवगुर की कृपा मिलना शुरु हो जाएगी। जाप पूरी श्रद्धा से करें, आपकी मन की मुराद जरूर पूरी होगी। हो सके तो शाम के समय इन मंत्रों का जाप करें।
पौराणिक मंत्र
देवानां च ऋषीणां च गुरुं कांचनसंनिभं।
बुद्धिभूतं त्रिलोकशं तं नमामि बहस्पतिं।।
बीज मंत्र
ऊं ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:
सामान्य मंत्र
ऊं बृं ब्रहस्पतय नम:
उपरोक्त में से किसी भी एक मंत्र का श्रद्धानुसार प्रतिदिन जप निश्चित संख्या में करना चाहिए।
Published on:
04 Oct 2018 08:44 am
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