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बिशप पीसी सिंह के ठिकानों पर पड़े EOW छापे के बाद बड़े खुलासे, चार्टेड प्लेन में घूमने के लिए रख रखा था खुद का पायलट

द बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया के चेयरमैन बिशप पीसी सिंह के घर ईओडब्ल्यू के छापे में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।

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बिशप पीसी सिंह के ठिकानों पर पड़े EOW छापे के बाद बड़े खुलासे, चार्टेड प्लेन में घूमने के लिए रख रखा था खुद का पायलट

जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर में द बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया के चेयरमैन बिशप पीसी सिंह के घर ईओडब्ल्यू के छापे में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अबतक की गई कार्रवाई के बाद जानकारी मिली है कि, बिशप पीसी सिंह लग्जरी लाइफ जीने का शौकीन है। इसके लिए वो महंगे से महंगा शौक करने में क पल के लिए भी सोचता नहीं है। EOW द्वारा मारे गए छापे के बाद उनकी चुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

बता दें कि, ईओडब्ल्यू के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पी सी सिंह चार्टेड प्लेन से सवारी किया करता था। यही नहीं, उसके पास खुद का पायलट और क्रू स्टाफ तक मौजूद था। लेकिन, अब ये सवाल भी उठने लगा है कि, जब किसी शख्स का पायलट और क्रू मेंबर हो, तो क्या प्लेन उसका नहीं होगा। क्या बिशप ही चार्टेड प्लेन का मालिक है ? हालांकि, ईओडब्ल्यू की ओर से अबतक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। छापामार टीम इसकी जानकारी जुटाने में जुटी हुई है। अबतक की जांच में प्लेन का लास्ट लोकेशन के बारे में ही पता चल सका है। बताया जा रहा है कि, प्लेन की लास्ट लोकेशन नागपुर पता चली है।

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घर से मिले करोड़ों और फॉरेन करेंसी

ये भी बता दें कि, बिशप के घर पड़े छापे में 1 करोड़ 65 लाख रुपए केश और 18 हजार की विदेशी करेंसी भी बरामद हुई थी। वहीं, 80 लाख 72 हजार के सोने के जेवर के अलावा लग्जरी कार और इंपॉर्टेंट घड़ियां मिली हैं। बिशप पीसी सिंह के खिलाफ स्कूलों से मिलने वाले पैसों से धार्मिक संस्थान संचालन करने का आरोप है। इसके अलावा धार्मिक सस्थाओं, सम्पत्ति सहित सोसायटी से संबंधित दस्तावेज मिले। ईओडब्ल्यू की कार्रवाई जारी है। मामले में शिकायत मिली थी कि, सोसायटी की विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से मिलने वाली छात्रों की फीस की राशि का उपयोग धार्मिक संस्थाओं को चलाने और खुद के इस्तेमाल में किया जाता था।

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जांच में खुलासे

वहीं, जांच में साल 2004-05 से 2011-2012 के बीच दो करोड 70 लाख की राशि धार्मिक संस्थाओं को ट्रांसफर करने के साथ साथ खुद के इस्तेमाल में लेकर गबन करने का आरोप सही पाया गया। साक्ष्यों के आधार पर ईओडब्ल्यू ने विशप पी सी सिंह के साथ साथ तत्कालीन असिस्टेंट रजस्ट्रार फमर्स एंड सोसायटी बी एस सोलंकी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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