
Blackout in Rajasthan
जबलपुर. शहरों में तकनीकि बिजली हानि रोकने के लिए अत्याधुनिक बीआइएस-3 (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) लेवल वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। केंद्र सरकार ने आइपीडीएस (इंटीग्रेटेड पावर डवलपमेंट स्कीम) के तहत लगाए जाने वाले नए ट्रांसफॉर्मर के लिए यह गाइडलाइन जारी की है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के 105 शहरों व टाउन में 495 करोड़ रुपए की लागत से आइपीडीएस के काम शुरू हुए हैं। इसमें 92.9 करोड़ रुपए जबलपुर सिटी सर्किल और ग्रामीण सर्किल के आठ टाउन में खर्च होंगे।
जबलपुर शहर में 77 करोड़ 49 लाख रुपए और सिहोरा, मझौली, पाटन, भेड़ाघाट, बरेला, शहपुरा व पनागर क्षेत्र में 14 करोड़ 60 लाख रुपए से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें नई 33 केवी लाइनें, कंडक्टर की क्षमता में वृद्धि, 33 व 11 केवी के नए सब-स्टेशन, क्षमता में वृद्धि, अतिरिक्त ट्रांसफॉमर्स की स्थापना, एबी केबलिंग और मीटर बदला जा रहा है। अभी तक प्रदेश में बीआईएस-१ व २ लेवल वाले ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं।
299 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे -
आईपीडीएस में सिटी व ग्रामीण सर्किल के आठ टाउन में २९९ ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इसमें 228 नए और 71 ट्रांसफॉमर की क्षमता वृद्धि की जाएगी। जबलपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्र में 114 किलोमीटर की निम्न दाब लाइन एबी केबलिंग में बदली जाएगी।
बीआईएस-2 और तीन में अंतर -
ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड की ओर से ट्रांसफॉर्मर में खपत होने वाली बिजली के आधार पर गुणवत्ता का स्तर तय किया जाता है। बीआईएस-२ लेवल वाले ट्रांसफॉर्मर में ४५४ वॉट बिजली की खपत होती है। जबकि बीआईएस-3 में 300 वॉट से कम खपत होती है। अभी तकनीकी हानि पांच से सात प्रतिशत के लगभग है। नए ट्रांसफॉर्मर से तकनीकी लाइन हानि और कम होगी।
कुदवारी में बनेगा पांच एमवीए का नया सब स्टेशन -
आईपीडीएस योजना के तहत कुदवारी में पांच एमवीए का नया सब स्टेशन बनाया जा रहा है। एेसे सात नए सब स्टेशन और बनाए जाएंगे। जबकि १५ सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि, आठ में अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। 28 सब स्टेशनों का आधुनिकीकरण होगा।
89.35 किलोमीटर की नई निम्न दाब लाइन का निर्माण
72,100 मीटर बदले जाएंगे
46.7 किमी 33 केवी की नई लाइन
11 केवी की 133 किमी नई लाइन
11 केवी की 40 किमी लाइन की क्षमता वृद्धि
Published on:
13 Apr 2018 04:51 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
