
Bone marrow transplant
brother-sister real story : रक्षाबंधन…भाई-बहन के प्रेम का त्योहार है। अमूमन राखी बांधने पर भाई बहनों को उपहार देते हैं। लेकिन नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा की 14 वर्षीय बच्ची ने 5 साल के भाई को जीवन का तोहफा दिया। बच्चा जन्मजात सिकलसेल की बीमारी से जूझ रहा था। छोटे भाई को दर्द से तड़पता देख बहन ने बौनमैरो डोनेट किया और जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने सफलता से इसे ट्रांसप्लांट कर दिया। डॉक्टरों का कहना है, अब उसे बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मेडिकल कॉलेज के बीएमटी यूनिट के विशेषज्ञों ने बताया, गाडरवारा का परिवार बेटे की जन्मजात सिकलसेल की बीमारी से परेशान था। इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहे थे। 5 साल का बच्चा असहनीय दर्द से तड़प रहा था। हर दूसरे-तीसरे माह खून चढ़ाना पड़ता था। दो साल जबलपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था।
डॉक्टरों ने परिवार को बोनमैरो ट्रांसप्लांट के लिए तैयार किया। जांच में उसकी १४ साल की बहन के स्टेमसेल मैच हो गए। इसके बाद बोनमैरो ट्रांसप्लांट किया। डॉक्टरों ने बताया, बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा जबलपुर, इंदौर में ही है। यह जटिल प्रक्रिया है। तैयारी में 6 माह लगते हैं।
Published on:
10 Aug 2025 11:47 am
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