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नहाय के बाद घाट पर पूजा की बेदी बनायी, खाय कदुआ भात

गंगा पूजन और सूर्य अघ्र्य के साथ छठ पर्व प्रारम्भ: 18 स्थानों पर पूजन

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chhath puja

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जबलपुर। छठ पर्व के पहले दिन रविवार को गंगा पूजन और सूर्य को अघ्र्य के बाद नहाय-खाय हुआ। मान्यता अनुसार महिलाओं ने नदियों और तालाबों के घाटों पर छठी माता की आराधना करने के लिए चिह्नित स्थान की गोबर से लिपायी की और पूजा की बेदी बनायी।
रांगोली से घाट सजाए गए। इस दिन घरों में खासतौर पर कद्दू की सब्जी, चने की दाल बनायी गई। इसके साथ चावल और गुड़ ग्रहण किया। छठ मैया की उपासना के लिए ग्वारीघाट, तिलवारा घाट और विभिन्न तालाबों सहित 18 घाटों को तैयार करने का सिलसिला दिन भर चला। सोमवार को लोहंडा-खरना होगा। पर्व का समापन 14 नवंबर को सूर्योदय के अघ्र्य देने के साथ होगा।
पर्व को लेकर बाजार में रौनक बढ़ गई है। परम्परागत बाजारों में पूजन सामग्री लेने के लिए भीड़ रही। सुबह से कोशी, बांस का सूप, फल, पानी वाला नारियल, गन्ना, कच्ची हल्दी, मूली, अदरक की बिक्री हुई। व्रत रखने वाली महिलाएं पूजा सामग्री के लिए नए बर्तन और कपड़े खरीद रही हैं। व्रती नई साड़ी पहनकर ही अस्तांचल व उदय होते सूर्य को अघ्र्य देती हैं। छठ पूजा नर्मदा तट और तालाबों के घाटों पर शहर में करीब १८ जगह होती है।

घाटों पर अव्यवस्था
उत्तरप्रदेश बिहार महासंघ के राजेश जायसवाल के अनुसार पर्व से पहले घाटों पर साफ-सफाई और उचित प्रकाश व्यवस्था अभी तक नहीं हुई है। अधारताल, हनुमानताल सहित कई घाटों में गंदगी है। चेंजिंग रूम का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है। नगर निगम का दावा है कि घाटों की सफाई जारी है। प्रकाश व्यवस्था भी की जा रही है।

सूपाताल से निकली शोभायात्रा
जबलपुर। गढ़ा सिद्ध मां श्री दरबार के रजत जयंती वर्ष महोत्सव पर रविवार को आशीर्वाद भवन से भव्य मंगल कलश शोभायात्रा निकाली गई। इसके साथ ही सूपाताल स्थित बजरंग मठ में सात दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारम्भ हुआ। इससे पहले शोभायात्रा ने गढ़ा क्षेत्र के विभिन्न मार्गों में भ्रमण किया। इसमें बैंड बाजा की सुमधुर धुनों के बीच पीताम्बर वस्त्रधारी महिलाएं आगे चल रही थीं। यात्रा में श्रीराम दरबार की चलित झांकी और अनुशासित भक्ति मंडल जनाकर्षण का केंद्र रहे। श्रीराम कथा के पहले दिन वृंदावन धाम के दीनबंधु दास महाराज ने मानस का रूप, महत्व एवं पार्वती की जन्म कथा श्रवण कराया। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक होगी। सोमवार को अवतार हेतु नारद मोह, मनु सतरूप, तप वरदान, प्रताप भानू की कथा सहित अन्य प्रसंगों पर कथा होगी।