
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के 27वें चीफ जस्टिस आरवी मलिमथ ने बुधवार को कहा कि जज के रूप में अपने पहले केस से लेकर अब तक वे सही व त्वरित न्यायदान के कायल रहे हैं। इसे वे मप्र हाईकोर्ट में भी बरकरार रखेंगे। वे मप्र हाईकोर्ट की मुख्यपीठ के साउथ ब्लॉक सभागार में अपने स्वागत समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
देश का हृदय है मध्यप्रदेश
उन्होंने कहा कि मप्र देश का हृदय है, जिसकी संस्कृति और परम्परा का अपना इतिहास है। इस प्रदेश की जनता की सेवा का अवसर मेरे लिए सौभाग्य की बात है। चीफ जस्टिस मलिमथ ने न्यायदान प्रक्रिया में बार को भी अहम हिस्सा बताया। उन्होंने बार-बेंच के सामंजस्य को न्यायपालिका के लिए बेहतर बताते हुए कहा कि वे इसे बनाए रखते हुए कार्य करेंगे।
इन्होंने किया सम्बोधित
मप्र हाईकोर्ट के स्टाफ की ओर से आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह में हाईकोर्ट के सीनियर जस्टिस शील नागू ने चीफ जस्टिस मलिमथ के जीवनवृत्त का परिचय दिया। महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा कि नए मुख्य न्यायाधीश का जीवनवृत्त इस बात का परिचायक है कि वे न्यायिक दक्षता की प्रतिमूर्ति हैं।
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर के अध्यक्ष रमन पटेल ने कहा कि नए मुख्य न्यायाधीश ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जो प्रतिमान दर्ज किया था, अब उससें आगे की बारी है। वे हाई कोर्ट में नए-नए कीर्तिमान दर्ज करेंगे। हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा कि नए मुख्य न्यायाधीश के आगमन से अधिवक्ता समुदाय हर्षित है।
असिस्टेंट सालिसिटर जनरल जेके जैन, इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरज शर्मा व ग्वालियर हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष एमपीएस रघुवंशी ने भी नए चीफ जस्टिस के व्यक्तित्व, कृतित्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर जस्टिस सुजय पॉल, जस्टिस विजय कुमार शुक्ला, जस्टिस संजय द्विवेदी सहित अन्य न्यायाधीशगण, रजिस्ट्रार जनरल आरके वाणी व रजिस्ट्री के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
Published on:
21 Oct 2021 01:01 pm
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