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कॉलेज एडमिशन की ऑनलाइन सुविधा बनी समस्या, आवेदन बने गलतियों का पुलिंदा

कॉलेज एडमिशन की ऑनलाइन सुविधा बनी समस्या, आवेदन बने गलतियों का पुलिंदा

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college admission

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जबलपुर। कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन आयोजित की जा रही है, ताकि छात्रों को परेशान न होना पड़े, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। ऑनलाइन प्रक्रिया से जुड़े सेंटरों की लापरवाही के चलते छात्रों की परेशानियां बढ़ रही हैं। छात्रों फार्म में ऑब्जेक्शन आ रहे हैं। छात्र हेल्प सेंटरों में अपनी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। हेल्प सेंटरों में प्राध्यापक भी सेंटरों की लापरवाही से परेशान हैं। छात्रों को एमपीऑनलाइन के माध्यम से आवेदन करना है।

कियोस्क की लापरवाही
सुविधा बन गई दुविधा
हेल्प सेंटर में बढ़ा दबाव, छात्र भी परेशान
केस-1 : छात्रा अनुप्रिया ने ऑनलाइन आवेदन कियोक्स सेंटर के माध्यम से भरा। बाद में हेल्प सेंटर से फोन आया कि च्वाइस फिलिंग गलत भरी गई है।
केस-2 : छात्र अक्षय गोल्हानी का आवेदन एमपी ऑनलाइन से फॉरवर्ड होकर वेरिफिकेशन के लिए पहुंचा तो उसमें ऑब्जेक्शन आ गया। मार्कशीट अस्पष्ट थी।
केस-3 : छात्रा अंकिता सोंधिया ने ऑनलाइन आवेदन भरा था। एक दिन बाद फोन आया कि डेट ऑफ बर्थ गलत है। उन्हें मूल दस्तावेज दिखाने पड़े, वहीं फिर से प्रक्रिया करना पड़ी।

इस तरह की समस्याएं
च्वाइस फिलिंग गलत होना
अधूरे फार्म फिल होना
स्पैलिंग में मिस्टेक
सेंटरों में अनट्रेंड कर्मी होना
दस्तावेज अपलोड न होना

हेल्प सेंटर में बढ़ रहा जमावड़ा
कियोस्क सेंटरों की लापरवाही के चलते छात्रों को कॉलेजों के चक्कर लगाना पड़ रहा है। जिसके चलते हेल्प सेंटरों में छात्रों का जमावड़ा भी बढ़ रहा है। छात्रों को एमपीऑनलाइन के माध्यम से आवेदन करना है। कियोस्क सेंटर संचालक ज्यादा फार्म भरकर कमाई के प्रयास में फॉर्म जल्दबाजी में अपलोड कर देते हैं।


कई कियोस्क सेंटरों में जल्दबाजी एवं जानकारी के अभाव में अधूरे फार्म अपलोड किए जा रहे हैं। ऐसे में रोजाना बड़ी संख्या में आवेदनों में त्रुटियां सामने आ रहीं हैं।
- डॉ. गीता शुक्ला, प्रवेश इंचार्ज, होमसाइंस कॉलेज

ऑनलाइन फार्म भरने के दौरान कियोस्क सेंटर कई बार गलती कर देते हैं। वहीं छात्र भी इस तरफ ध्यान नहीं देते। जिससे बड़ी संख्या में छात्र सुधार के लिए आ रहे हैं।
- डॉ. समता नायडू, प्रवेश इंचार्ज, महाकोशल कॉलेज