
diwali laxmipuja: Special significance of Diya in Laxmipujan
जबलपुर। भाग्य और धन की देवी मां लक्ष्मी का हमारे धर्मग्रंथोंं में एक विशेष स्थान है। दीवाली पर मां लक्ष्मी की ही पूजा करते हैं। माना जाता है कि मां लक्ष्मी की पूजा करने से वे प्रसन्न होती हैं जिससे घर में धन और वैभव आता है। दीवाली के दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा भी की जाती है, मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने और घर में सुख,समृद्धि और शांति के लिए इस दिन कई प्रकार से पूजा की जाती है। लक्ष्मीपूजन में दियों का विशेष महत्व है। इस दिन मिट्टी के दिये ही जलाए जाने चाहिए, धर्मग्रंथों में साफ तौर पर यह बात लिखी है। पंडित दीपक दीक्षित बताते हैं कि दीवाली, लक्ष्मी पूजा के लिए बहुत ही पावन दिन होता है और इस दिन मिट्टी के दिए जलाकर, विधि-विधान से पूजा कर उन्हें अपने घर में वास करने के लिए आंमत्रित किया जाता ह।
कई दिनों पहले से करते हैं तैयारी
शहर के क्षेत्र विशेष में बसे कुम्हार परिवार पिछले २५ दिनों यानी गणेशोत्सव के बाद से ही दीये बनाना शुरु कर देते हैं। जिसमें पूरा परिवार जुट जाता है। हालांकि विद्युत उपकरणों के अधिक प्रयोग के चलते तेल और घी के दीयों की डिमांड कम होती जा रही है। लेकिन आज भी इनका महत्व उतना ही है जितना श्रीराम के अयोध्या लौटने के समय था। तभी घी के दीये जलाकर उनका स्वागत दीपोत्सव के रूप में किया गया।
एक दिन में हजार
कलाकार राजेश चक्रवर्ती ने बताया वे लोग एक दिन में करीब ८०० से १००० दीये बनाते हैं। दीयों की घटती डिमांड ने उनका व्यापार भी कम कर दिया है। ये दीये दिवाली ३० रुपए के २५ बिक रहे हैं। जिससे उनकी लागत भी नहीं निकल पाती।
पत्रिका की पहल
खुशियां बांटने से बढ़ती हैं। इस दिवाली अगर आप भी चाहते हैं कि किसी को खुशियां देना तो पत्रिका की इस पहल का साथ दीजिए उन लोगों से दिवाली के सामान खरीदकर जो पिछले एक महीने से लगातार जुटे हुए हैं, शहरवासियों की दिवाली को रोशन करने। पत्रिका पहल कर रहा है ये दिवाली खुशियों वाली कॉलम के साथ, जिससे हर घर में दिवाली की खुशियां बांटी जा सकें। शहर के कुम्हारों के बनाए दिये खरीदकर आप इनकी दीवाली को शुभ बना सकते हैं।
Published on:
12 Oct 2017 01:40 pm
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