तीन प्रयासों के बाद निकाला
शल्य चिकित्सक डॉ. वीपी चंद्रपुरिया के मार्गदर्शन में डॉ. शोभा जावरे, डॉ. संजय वर्मा ने अमाशय में फंसे कांच के गोले को निकालने के लिए एण्डोस्कोपी पद्धति का उपयोग किया। एक कंचा बाहर आ गया, लेकिन दूसरा बाहर नहीं आ पा रहा था। चिकित्सकों ने श्वान को बेहोश कर गेस्ट्रोस्कोप को मुंह के द्वारा आमाशय तक पहुंचाया। आंवले के आकार का बड़ा कंचा अंदरुनी परत पर चिपका था। उसे गेस्ट्रोस्कोप की बास्केट के द्वारा तीन प्रयासों के बाद निकाला गया