अनंत चतुर्दशी का महात्म्य
ऐसी मान्यता है कि महाभारत काल से इस व्रत की शुरुआत हुई। जब पांडव जुए में अपना राज्य गवांकर वन-वन भटक रहे थे, तो भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अनन्त चतुर्दशी व्रत करने को कहा. कष्टों से मुक्ति पाने के लिए धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने भाइयों व द्रौपदी के साथ इस व्रत को किया. तभी से इस व्रत का चलन शुरू हुआ।