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जबलपुर. शहर में स्वास्थ्य सेवाएं, पुलिसिंग, शिक्षा की गुणवत्ता, एयर क्वालिटी से नगरवासी कितने संतुष्ट हैं, इसे लेकर आमजन का फीडबैक लिया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण की तर्ज पर इज ऑफ लिविंग इंडेक्स होगा। जिसका मुख्य उद्देश्य शहर में रहन-सहन के स्तर को मापना है। इसके तहत पर्यावरण की स्थिति, जल प्रदाय की गुणवत्ता, मनोरंजन, आर्थिक विकास, हरित स्थान, ऊ र्जा की खपत, सेवाओं की गुणवत्ता अन्य शहरों से कितनी बेहतर है इस पर भी शहरवासियों से फीडबैक लिया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित संस्थाओं से डाटा जुटाया जाएगा। ये जानकारी स्मार्ट सिटी के सीईओ आशीष पाठक ने प्रेस कांफ्रें स में दी।
उन्होंने बताया कि इंडेक्स में 30 प्रतिशत भागीदारी जन समूह की होगी। इसके अलावा बाकी संबंधित डाटा पर निर्भर करेगा। ये जानकारी ऑनलाइन केन्द्र सरकार को भेजी जाएगी। सीईओ पाठक ने बताया कि जीवन स्तर के आकलन के आधार पर शहर की रैंकिं ग निर्धारित की जाएगी। इसके 97 पैरामीटर हैं। इंडेक्स के आधार पर केन्द्र की टीम यहां सेवाओं व सुविधाओं की आवश्यकताओं का आकलन भी करेगी। जिससे उनमें सुधार किया जा सके।
पिछली बार सौ स्मार्ट सिटी की इस रैंकिं ग में जबलपुर 15 वें स्थान पर था। सीईओ ने बताया कि ओआरजी/सिटीजन वेबसाइट पर जाकर तय बिंदुओं के आधार पर शहरवासी फीडबैक दे सकते हैं। जितना ज्यादा फीडबैक होगा, उतनी ज्यादा महत्व्पूर्ण जानकारी निकलकर सामने आएंगी, जो शहर विकास के लिए आवश्यक हैं। इज ऑफ लिविंग इंडेक्स से शहर की वास्तविक तस्वीर का केन्द्रीय शासन की टीम आकलन कर सकें गी। जिसके आधार पर शहर के विकास के लिए आवश्यक फं ड मुहैया करने से लेकर पूरा प्लान तैयार किया जाएगा। प्रेस कांफ्रें स में नगर निगम आयुक्त आशीष कुमार, सहायक आयुक्त संभव अयाची मौजूद थे।
Published on:
02 Feb 2020 06:38 pm
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