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MP Politics: विधानसभा चुनाव में दगा दे गई साढ़े चार हजार ईवीएम और वीवीपैट

MP Politics: मतदान के दौरान हुई थीं खराब, चुनाव आयोग ने भेजा बेंगलुरू, इतने ईवीएम से 18 विधानसभा क्षेत्र में पड़ जाते वोट...    

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लोकसभा चुनाव के लिए ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच का काम शुरू

MP Politics: प्रदेश में विधानसभा चुनाव के समय तापमान कम होने के बाद भी साढ़े चार हजार से अधिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट दगा दे गईं थीं। इनमें अलग-अलग स्तर पर खराबी आईं थीं, जिन्हें बदलकर दूसरी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। अब यह मशीनें चुनाव आयोग के वेयर हाउस पहुंचाई जा रही हैं, जो सुधार के लिए बेंगलुरू भेजी गई हैं।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव सम्पन्न कराने के लिए बड़ी संख्या में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन मंगाई गई थीं। जिनमें अप्रत्याशित खराबी आने की जानकारी सामने आई है। प्रदेश का यह आंकड़ा साढ़े चार हजार से अधिक का है। इनमें सबसे अधिक 2004 वीवीपैट खराब हुईं। मशीनों के काम नहीं करने का पता कमिश्ननिंग और फस्र्ट लेवल चैकिंग (एफएलसी) और मॉकपोल के साथ ही मतदान के दौरान तब चला जब इन्हें इस्तेमाल में लाया गया। बाद में उन्हें बदला गया। जबकि ढाई हजार ईवीएम के दो पार्टों में खराबी आई। इन्हें नॉन फंक्शनल मानकर सुरक्षित रख दिया गया था। अब उन्हें भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बीईएल) भेजा गया है।

औसतन 250 मशीनों का उपयोग

औसतन हर विधानसभा में ढाई सौ मतदान केंद्र होते हैं। अगर इस आंकड़े से देखें तो खराब हुई मशीनों की संख्या 18 विधानसभा क्षेत्रों में उपयोग की गई मशीनों के बराबर हैं। यानी इतने क्षेत्रों में चुनाव कराए जा सकते थे। इतनी मात्रा में इन मशीनों का खराब होने को लेकर विशेषज्ञ हैरान हैं। उनका कहना है कि यह नई तकनीक पर आधारित हैं। बीईएल से कई तरह के परीक्षणों पर खरा उतरने के बाद ही इन्हें किसी जगह भेजा जाता है। मौसम भी अनुकूल था। गर्मियों में दिक्कत अधिक आती है।

जबलपुर में इन जिलों से आई मशीनें

निर्वाचन आयोग ने सुविधा की दृष्टि से पूरे प्रदेश के लिए अलग-अलग जिलों को नॉन फंक्शनल ईवीएम और वीपीपेट को एकत्रित करने के लिए नोडल केंद्र बनाया था। जबलपुर ऐसा जिला हैं जहां सबसे ज्यादा 17 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन जिलों में जबलपुर, अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सीधी, शहडोल, सिवनी, सिंगरौली, सतना और उमरिया जिला शामिल हैं। यहां की मशीनें को बीईएल रवाना कर दिया गया है। इन जिलों में 669 वीवीपेट तो कंट्रोल यूनिट 493 और 529 बेलट यूनिट ने धोखा दे दिया। वहीं मतदान के दिन की संख्या अलग है।

कड़ी सुरक्षा के बीच हुई रवानगी

इन मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच बेंगलुरु भेजा गया है। जिन वाहनों से भेजा गया उन्हें जीपीएस से लैस किया गया। इसकी जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई। इसी प्रकार इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

फैक्ट फाइल

- 1241 बैलट यूनिट खराब।

- 1268 कंट्रोल यूनिट खराब।

- 2004 वीवीपैट में खराबी।

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