29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘…हमारे लिए तो यही गांधीगीरी कि खुद से पहले दूसरों के बारे में सोचें’

गांधी जयंती आज: शहर में ये लोग नि:स्वार्थ भाव से जुटे समाज सेवा में
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जबलपुर

•

image

Abhishek Dixit

•

Updated: 2 Oct 2018, 7:07 AM IST

'...हमारे लिए तो यही गांधीगीरी कि खुद से पहले दूसरों के बारे में सोचें'

'...हमारे लिए तो यही गांधीगीरी कि खुद से पहले दूसरों के बारे में सोचें'

जबलपुर. आज महात्मा गांधी जयंती है। गांधीवादी विचारधारा को अपनाने वाले लोग आज भी मौजूद हैं। गांधीगिरी की बात की जाए तो खुद से पहले समाज की सेवा करने का जज्बा रखने वाले शहर में कई लोग हैं। कई युवा हैं, जो समाज सेवा की ओर लगातार कदम बढ़ा रहे हैं। पढ़ाई करते हुए जरूरतमंद लोगों के काम भी आ रहे हैं और एक अच्छी मिसाल पेश कर रहे हैं। युवाओं के अलावा कई महिलाएं भी हैं, जो समाज सेवा के लिए काम कर रही हैं। सभी का यह कहना है कि गांधीजी हमारे बीच नहीं हैं तो क्या हुआ, लेकिन उनकी विचारधारा को अपनाकर हम हमेशा उन्हें अपने आसपास आते हैं। गांधी जयंती एक ऐसा अवसर है कि आप भी संकल्प करें कि गांधीगिरी अपना कर दूसरों की जिंदगी को खुशहाल बनाने के लिए कदम बढ़ाएंगे।

हर मौसम में डटे रहते हैं ये युवा
प्रयास पहल शहर के युवाओं का बनाया गया है ऐसा ग्रुप है, जो निस्वार्थ काम कर रहा है। भीषण गर्मी मे हजारों लोगों को पानी, नींबू पानी, ग्लूकोज जैसी चीजें पिलाई। रिक्शा चालकों को भी हमेशा खाना खिलाया, क्योंकि ये ऐसे लोग हैं, जिन्हें कभी-कभी खाना भी नहीं मिल पाता है। इस ग्रुप में हरप्रीत, आशीष वैष्णव, राहुल तिवारी, उमेश, पवन जैन, अंजनी, संदीप, अनिल रैकवार, आशीष सिंह, अनिल दुबे, कपिल, रजत, साहिल, गौरव, अखिलेश, निखिल और आर्यन मिलकर काम कर रहे हैं।

दूसरों के लिए जीना जिंदगी है
अपने लिए तो हर कोई प्रयास करता है, लेकिन दूसरों के लिए कुछ किया जाए तो ही जिंदगी के असल मायने हैं। यह कहना है शहर की आराधना चौहान का। आराधना एक विक्षिप्त महिला और एक बुजुर्ग दंपति की तन, मन और धन से सेवा कर रही हैं। इसके अलावा चौराहे पर काम के लिए खड़े होने वाले मजदूरों को समय-समय पर भोजन करवाती हैं, क्योंकि कभी-कभी ऐसा होता है कि मजदूरों को काम नहीं मिल पाता।

दृष्टिबाधितों के प्रति हमेशा तैयार
गवर्नमेंट महाकोशल कॉलेज में पदस्थ डॉ. अरुण शुक्ला भी मानवता की लिए काम कर रहे हैं। दृष्टिबाधित छात्रों के लिए वे हमेशा तत्पर रहते हैं। फिर चाहे उन्हें परीक्षा या पढ़ाई के लिए सामग्री दिलानी हो या उनकी फीस माफ करवानी हो। इसके साथ ही उनकी जरूरत का सामान भी वे उन्हें दिलाते रहते हैं। यही वजह है कि कॉलेज के तमाम दृष्टिबाधित छात्र अपनी सभी समस्या लेकर उनके पास ही पहुंचते हैं, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि गुरुजी के पास हर समस्या का समाधान है।

स्वच्छता के लिए लगातार प्रयास
भारत स्काउट एंड गाइड पश्चिम मध्य रेलवे का ग्रुप स्वच्छता मिशन पर काम कर रहा है। स्काउट गाइड के सदस्य समय-समय पर नुक्कड़ नाटक और रैलियों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करते हैं। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता अभियान चलाया गया है, जिसमें स्टेशन की सफाई भी इन स्काउट गाइड्स ने की है।