
Girls Hostel of mp - reality check
जबलपुर. शहर में बड़ी संख्या में लड़कियां पढऩे के लिए आती हैं। गांवों और छोटे कस्बों से महानगर में आतीं इन लड़कियों को रहने के लिए कोई अच्छे ठिकाने की तलाश होती है। स्कूल और कालेज में पढऩेवाली ये लड़कियां प्राय: अपनी सहेलियों के साथ ही रहना चाहती हैं। ये लड़कियां इसके लिए अच्छा गल्र्स होस्टल प्रिफर करती हैं पर इतने बड़े शहर में विश्वसनीय गल्र्स होस्टल ढूंढना भी मुश्किल काम है।
गर्ल्स होस्टल्स में भी चल रहे हैं कई गोरखधंधे
बाहर से शहर में पढ़ाई के लिए आती गल्र्स के लिए सरकार ने भी रहने का इंतजाम किया है। इसके लिए जगह-जगह गल्र्स होस्टल्स खोले गए हैं। इन होस्टल्स में लड़कियां मुफ्त रह सकती हैे। इतना ही नहीं, स्कूल-कालेज की लड़कियों के लिए सरकार ने रहने के साथ ही खाने-पाने का भी निशुल्क इंतजाम किया है। इतनी सारी सुविधाएं मुफ्त में मिल रहीं हैं सो सभी लड़कियां यहां रहने के लिए लालायित रहती हैं। ऐसे में गल्र्स होस्टल्स में प्रवेेश के लिए कई गोरखधंधे भी चल रहे हैं। ऐसा ही एक गोरखधंधा तब सामने आयाजब एक बड़ी अधिकारी एक गल्र्स होस्टल का निरीक्षण करने पहुंच गई।
छात्रावास में अनियमितताएं अधीक्षक को दिया नोटिस
एमएलबी स्कूल के पास पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में 32 छात्राएं अनधिकृत रहते मिलीं। इनके पास गैस चूल्हे और सिलेंडर भी मिले। आदिवासी विकास विभाग की सहायक संचालक पूजा द्विवेदी ने मंगलवार को छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने अधीक्षक तनीषा खान को नोटिस देने के आदेश दिए। छात्रावास में एमएलबी स्कूल में पढऩे वाली छात्राओं को ही प्रवेश मिलता है। इसके लिए अनुमति लेनी पड़ती है। छापे के दौरान 32 छात्राओं के पास ऐसे कोई दस्तावेज नहीं मिले, जिनमें उन्हें यहां रहने के लिए अनुमति दी गई हो। सहायक संचालक ने अधीक्षक को नोटिस देकर यह पूछा है कि इसकी जानकारी अभी तक विभाग को क्यों नहीं दी गई।
Published on:
31 Aug 2018 01:55 pm
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