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जबलपुर। हनुमानताल थानांतर्गत चांदनी चौक निवासी कोरोना पॉजिटिव शायरा बी उर्फ शाहिदा बी (62) के जनाजे में अनुमति से अधिक लोगों के शामिल होने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया। इसके साथ ही एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई। शाहिदा बी की बहन का भी 20 अप्रैल को मौत हो गई। हालांकि इसके कारणों का पता नहीं चला। उसके जनाजे में भी अधिक भीड़ होने के चलते गोहलपुर में एफआईआर दर्ज हुआ।
हनुमानताल में 40 पर एफआईआर-
हनुमानताल पुलिस के अनुसार शाहिदा बी की मौत 19 अप्रैल को हुई थी। कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद भी परिजनों के द्वारा अपने रिश्तेदारों व परिचितों की 40 लोगों की भीड़ एकत्रित कर मंडी मदार टेकरी कब्रिस्तान में दफनाया गया। शव को उसी रात 11 बजे सभी मोतीनाला होते हुए कब्रिस्तान ले गए थे। इससे पूरे शहर में कोरोना वायरस फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
शाहिदा-बी की बहन का भी निधन-
गोहलपुर पुलिस के अनुसार बेनी सिंह की तलैया निवासी फिरदौस बेगम (50) की 20 अप्रैल को मौत हो गई थी। फिरदौस कोरोना पॉजिटिव शाहिदा-बी की छोटी बहन थी। फिरदौस के पति मोहम्मद फिरोज उसके जनाजे व अंतिम संस्कार में अपने रिश्तेदार व परिचितों की लगभग 50 लोगों की भीड़ एकत्रित किया गया था। इससे पूरे शहर में कोरोना वायरस फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। दोनों ही थानों में पुलिस ने जनाजे में शामिल लोगों के खिलाफ धारा 188, 269,270 भादवि का प्रकरण दर्ज कर लिया।
प्रशासन की चूक पर नहीं हुई कार्रवाई-
पुलिस ने भले ही दोनों के जनाजे में शामिल लोगों पर एफआईआर दर्ज कर लिया, लेकिन प्रशासन की चूक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोरोना संदिग्ध का पहले बिना जांच रिपोर्ट आए शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया और फिर बिना प्रोटोकाल का पालन कराए अंतिम संस्कार होने दिया। जबकि इस तरह के मामले में तहसीलदार और आरआई की मौजूदगी में कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराया जाना कलेक्टर की जवाबदारी थी।
Published on:
24 Apr 2020 11:14 am
