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world arthritis day: कम उम्र के बच्चे भी हो रहे आर्थराइटिस के शिकार, ऐसे करें बचाव

विश्व आर्थराइटिस दिवस पर विशेष
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home remedies of arthritis in children

home remedies of arthritis in children

जबलपुर। बुढ़ापे की बीमारी कही जाने वाली आर्थराइटिस युवाओं के बाद अब बच्चों को भी परेशान कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार 10-12 वर्ष के बच्चे भी इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। अस्पतालों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सम्भाग में करीब 19 हजार मरीज आर्थराइटिस से किसी न किसी रूप में पीडि़त हैं। बदलती लाइफ स्टाइल के कारण कम उम्र में भी यह समस्या घेर रही है। शहर में अस्पतालों में जांच के दौरान हाल ही में कम उम्र के कई बच्चों में इस मर्ज के लक्षण मिले हैं। हालांकि विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि अधिक उम्र वालों की तुलना में इस बीमारी से पीडि़त बच्चे जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं।

मोबाइल के ज्यादा उपयोग से बचें
चिकित्सकों के अनुसार आजकल कम उम्र से ही बच्चे मोबाइल के उपयोग के आदि हो जाते हैं। जरुरत से ज्यादा उपयोग से गर्दन और अंगुलियों में दर्द होता है। वैसे भी मोबाइल, कीबोर्ड पर टाइपिंग के कारण हाथ-पैर, गर्दन में दर्द की शिकायत आम होती जा रही है। इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को मोबाइल का अधिक उपयोग न करने दें। इस बीमारी को तनाव भी प्रभावित करता है।

इसकी अनदेखी न करें
जोड़ों में दर्द, सूजन, आंखों में लालिमा एवं सूजन, जोड़ों में अकडऩ, चिड़चिड़ा स्वभाव, पसीने में खटास सी गंध, होमीग्लोबिन की कमी। यदि ये लक्षण समझ में आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। फायबर युक्त सादे भोजन का ही उपयोग करें।

इन्हें अपनाएं
- बच्चों को विटामिन्स, प्रोटीन्स, मिनरल्स युक्त आहार दें।
- सब्जियां, सलाद, फल खिलाएं।
- आउटडोर गेम्स जो प्रकाश में हों, पर जोर दें।
- इम्यून सिस्टम कमजोर न हो, ध्यान रखें।
- व्यायाम और आयुर्वेद नुस्खे फायदेमंद।

(नोट: इन्हें चिकित्सक से परामर्श के बाद ही अपनाएं)

सम्भाग में करीब 19 हजार लोग किसी न किसी रुप से आर्थराइटिस से पीडि़त हैं। इसके लक्षण अब बच्चों में भी मिल रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि यदि बच्चों को परेशानी है तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श करें। इस बीमारी में बच्चें जल्द स्वस्थ्य हो जाते हैं।
- डॉ. राकेश पांडेय, अध्यक्ष, आयुर्वेद पीजी एसोसिएशन