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बेटी की इज्जत के लिए पत्नी ने ही करा दिया डॉक्टर पति का कत्ल, आपको भी चौंका देगा ये सच, देखें वीडियो

बहुचर्चित डॉ. सफात उल्लाह हत्याकांड का राज खुला, पत्नी ही निकली मास्टर माइंड

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horrible story of wife's killing his own doctor husband

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जबलपुर। नेपियर टाउन, भंवरताल पार्क के समीप कृतिका अपार्टमेंट में हुई डॉक्टर की सनसनीखेज हत्या का राज खुल गया है। पूरे प्रकरण की मास्टर माइंड डॉक्टर की ही पत्नी आयशा खान निकली। उसने शनिवार को पुलिस के सामने जो सच्चाई बताई, उसे सुनकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। आयशा ने खुलेतौर पर कहा कि मेरे पति डॉ. शफात उल्लाह खान अपनी ही बेटी पर बुरी नजर रखते थे। बच्ची के भविष्य की खातिर उन्हें सबक सिखाने के लिए मैंने ही डॉ. शफात पर हमले का बनाया था। हत्या का इरादा तो नहीं था, लेकिन चोट अधिक होने की वजह से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मास्टरमाइंड आयशा समेत उसकी भतीजी व वारदात को अंजाम देने वाले उसके एक करीबी को गिरफ्तार कर लिया है। मर्डर के लिए भाड़े पर लाए गए दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

बीवी ने ही लिखाई रिपोर्ट
उल्लेखनीय है कि 12 जून की शाम कुछ हथियार बंद लोगों ने अपार्टमेंट स्थित घर में घुसकर डॉ. डॉ. शफात उल्लाह खान की हत्या कर दी थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो डॉ. खान की पत्नी आयशा खान ने पुलिस को बताया कि शाम करीब 7 बजे दो नकाबपोश लड़के उनके घर में आए और खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताते हुए दरवाजा खुलवाया। आते ही उन्होंने चाकू अडा कर मेरे गले की सोने की चेन खींचकर पति को पूछा और कहा कि बैंक से लाया गया लोन का रूपया कहॉ रखा है। पति डॉ. शफात ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन चाकू से हमला कर दिया और बेटी की कान की बाली, सोने की चेन, नगद 10 हजार रूपये तथा 3 मोबाईल, 3 घडियॉ लूट कर भाग कए। जाते-जाते वे बेटी की एक्टिवा गाड़ी की चाबी भी मांगकर ले गए। उन्होंने मुझे एवं बेटी शैफी तथा नाति शब्बीर अहमद को बाथरूम में बांधकर बंद कर दिया था। हमले में डॉ. शफात की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने धारा 397,302,450 भादंवि का अपराध ंदर्ज करके प्रकरण को विवेचना में लिया था।

मच गई सनसनी
नेपियर टाउन, भंवतरताल पार्क जैसे पॉश इलाके में शाम को डॉक्टर की हत्या की खबर से शहर में सनसनी फैल गई। शहर के कई डॉक्टर वहां एकत्रित हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। आईजी अनंत कुमार सिंह एवं डीआईजी भगवत सिंह चौहान घटना की गहन जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए। सभी सदस्यों एंव रिश्तेदारो से बारीकी से पूछताछ कर पतासाजी के सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। एसपी शशिकांत शुक्ला ने वारदात की पड़ताल के लिए एएसपी दीपक शुक्ला व एएसपी क्राइम ब्रांच संदीप मिश्रा के निर्देशन मे टीमों का गठन कर दिया। ओमती सीएसपी एसके शुक्ला व टीआई अरविंद चौबे ने उनके निर्देशन में जांच व पूछताछ शुरू कर दी।

सीसीटीवी फुटेज में दिखे युवक
विवेचना के दौरान पुलिस ने अपार्टमेंट में व नीचे चौराहे पर लगे सी.सी. टी.व्ही. कैमरों के फुटेज चैक किए। इसमें पाया गया कि 2 लडके मुंह पर नकाब लगाकर अपार्टमेंट के अंदर जा रहे हैं और एक युवक बाहर से दोनों बदमाशों को निर्देश देता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद पत्नी आयशा एवं मृतक डॉ. शफात उल्लाह खान के रिश्तेदारों से पतासाजी व बारीकी से पूछताछ की गयी। पूछताछ में डॉ. की पत्नी आयशा की भतीजी नंदनी उर्फ जन्नत खान ने स्वयं को घटना के दिन दुआ गुजरात में होना बताया। पुलिस ने उसके कॉल डिटेल व लोकेशन चेक की तो नंदनी उर्फ जन्नत की लोकेशन जबलपुर में ही पायी गई। उस पर संदेह पुख्ता होते ही पुलिस ने जन्नत से कड़ाई से पूछताछ की।

हां बुआ ने कराया मर्डर
एएसपी क्राइम ब्रांच संदीप मिश्रा के अनुसार कड़ाई से पूछताछ पर जन्नत टूट गई। उसने स्वीकार किया कि उसकी बुआ आयशा खान ने पति की हत्या का षडय़ंत्र रचा था। जन्नत ने बयान दिए कि डॉ. शफात उल्लाह से सन् 1991 मे प्रेम विवाह किया था, लेकिन शादी के बाद से ही आपस सम्बंध ठीक नहीं थे। डॉ. शफात के चरित्र को लेकर पति-पत्नि में अक्सर तनाव बना रहता था। अनबन रहती थी। डॉ. शफात अपनी पत्नि को किसी प्रकार की बातें नहीं बताया करते थे न ही खर्चे के लिये रूपये देते थे। उनकी खुद की बेटी पर भी बुरी नजर थी। वे आपत्तिजनक हालत में बेटी के कमरे में चले जाते थे। इससे बुआ ने उन्हें सबक सिखाने का प्लान बनाया था। आयशा ने कुछ माह पूर्व भी पति को रास्ते से हटाने के लिये किसी से बात की थी, किन्तु सफल नहीं हो सकी थी।

ऐसे बनाया प्लान
पुलिस ने अनुसार आयशा ने अपनी भतीजी नंदनी से कहा कि डॉक्टर को रास्ते से हटाना है। तुम कुछ इंतजाम करो, तो नंदनी उर्फ जन्नत ने अपने लवर और तथाकथित पति के पवन विश्वकर्मा जो वर्तमान मे गुजरात के दुआ मे रह रहा है से यह बात की। पवन ने अपने परिचित धीरज व राजेन्द्र मालवीय को जानकारी दी और डॉ. शफात को रास्ते से हटाने की बात डन हो गई। प्लान के तहत पवन विश्वकर्मा अपने साथ नंदनी उर्फ जन्नत खान तथा अपने दो साथियों धीरज तथा राजेन्द्र मालवीय को लेकर 12 जून को जबलपुर आ गया। इसी दिन दोपहर में करीब 1 बजे जन्नत ने धीरज व राजेन्द्र की मुलाकत अपनी बुआ आयशा से करायी। शाम को घर आकर डॉक्टर की हत्या करने का प्लान तैयार किया गया। इसके लिए आयशा खान ने दोनों युवकों को 10 हजार रुपए दिये तथा काम होने के बाद 50-50 हजार रुपए और देने का वादा किया। इस आधार पर पवन विश्वकर्मा, धीरज व राजेन्द्र मालवीय ने वारदात को अंजाम दिया और भाग निकले।

5 लाख और एक फ्लैट
पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आयी कि आयशा ने काम हो जाने के बाद नंदनी उर्फ जन्नत खान को 5 लाख रुपए एवं एक फ्लैट देने का वादा किया था। जन्नत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दो टीमें गुजरात एवं सिहोर भेजी गयी। सिहोर से एक आरोपी राजेन्द्र मालवीय पिता देवकरण मालवीय उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम बिसनखेडी को गिरफ्तार कर लिया। कड़ी पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि पवन विश्वकर्मा के कहने पर उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से डॉ शफात का मर्डर किया। आरोपी पवन विश्वकर्मा एवं धीरज की तलाश हेतु टीमें भेजी गयी हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी भी जल्द गिरफ्त में होंगे। घटना के खुलासे में थाना प्रभारी ओमती अरविंद चौबे एवं क्राईम ब्रांच के शैलेन्द्र पटवा, नितिन जोशी, ज्ञानेन्द्र, पाठक, शशि प्रकाश, अश्वनी दुबे, जितेन्द्र दुबे, बीरबल आदि की उल्लेखनीय भूमिका रही। एसपी ने टीम को पुरूस्कृत करने की घोषणा की है।

ये हैं आरोपी

1- आयशा खान पति स्व. डॉ. शफात उल्लाह खान, उम्र 51 वर्ष, निवासी कृतिका अपार्टमेंट ओमती
2 - जन्नत खान उर्फ नंदनी उम्र 32 वर्ष, जो वर्तमान मे पवन विश्वकर्मा के साथ पत्नि के रूप में दुआ गुजरात मे रह रही है।
3 - राजेन्द्र मालवीय पिता देवकरण मालवीय, उम्र 23 वर्ष, निवासी- ग्राम बिसनखेडी थाना इच्छावर, सुजालपुर जिला सिहोर

नाम फरार आरोपी - 4 - पवन विश्वकर्मा , 5 - धीरज