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जबलपुर. साइबर ठगी करने वाले जालसाजों ने नया पैंतरा ढूंढ़ निकाला है। अब सिम स्वैपिंग की मदद से लोगों के खाते खाली कर लिए जा रहे हैं। जालसाज यूके (+44 कोड) और देश के अलग-अलग राज्यों से सिम कम्पनी का अधिकारी बनकर कॉल करते हैं। वे सिम का वेरीफिकेशन करने के नाम पर सिम के पीछे अंकित 20 नम्बरों का अंक हासिल करते हैं और फिर पुष्टि के लिए एक नम्बर दबाने को कहते हैं। ऐसा करते ही पुराना सिम डिएक्टिवेट हो जाता है और नए सिम का ऑनलाइन ऑवेदन हो जाता है। फिर जालसाज उस नम्बर का डुप्लीकेट सिम प्राप्त कर उससे जुड़े बैंक खाते से पूरी रकम खाली कर देते हैं।
news facts- सिम कम्पनी का अधिकारी बनकर जालसाज करते हैं कॉल
फिर डुप्लीकेट सिम करा लेते हैं जारी
साइबर ठगी का नया पैंतरा, ठग सिम स्वैपिंग से उड़ा रहे हैं रकम
जानकारी के अनुसार स्टेट साइबर सेल में वर्ष 2017 में 166 शिकायतें साइबर क्राइम से सम्बंधित पहुंची थी। पिछले एक महीने में सिम स्वैपिंग की देश भर में आए मामले के चलते अलर्ट जारी किया गया है। अभी जिले में इस तरह की ठगी का प्रकरण तो सामने नहीं आया है, लेकिन लोगों के पास सिम अधिकारी बनकर फोन किए जाने सम्बंधी शिकायत पहुंची है। स्टेट साइबर सेल के जबलपुर जोन के प्रभारी निरीक्षक हरिओम दीक्षित ने बताया कि सिम स्वैपिंग से ठगी का चलन बढ़ा है। ऐसे कॉल अधिकतर दोपहर बाद किए जाते हैं। इसके बाद रात में खाते से रकम विभिन्न वॉलेट और बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया जाता है।
साइबर सेल में शिकायतें 166
दर्ज की गईं 41
निराकृत 54
Published on:
07 Jan 2019 11:51 am
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