2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

IGNOU: अब हर सरकारी कॉलेज में खुलेंगे इग्नू के सेंटर

इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय

2 min read
Google source verification
IGNOU

IGNOU

जबलपुर.रोजगार की शिक्षा से छात्रों को जोडऩे के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग की ओर से अब हर सरकारी कॉलेजों में इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के सेंटर खोले जाएंगे। जानकार इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम मान रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने जिले के प्रत्येक सरकारी कॉलेज से छात्रों की स्थिति, पाठ्यक्रम, विषयवार छात्रों की संख्या, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि की जानकारी प्राचार्यों से मांगी है। इग्नू की ओर से 228 से ज्यादा डिग्री, सॢटफिकेट व डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जाते हैं।

कॉलेज करेगा व्यवस्था

सेंटर के लिए आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था कॉलेज से ही की जाएगी। शिक्षकों को शिक्षण कार्य के लिए इग्नू अलग से भत्ता भी प्रदान करेगा। अवकाश के दिन या कार्यालयीन समय पर अलग से इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय सेंटर संचालित किए जा सकेंगे।

दोहरा होगा फायदा

शासन और उच्च शिक्षा विभाग के इस निर्णय से दोहरा फायदा होगा। सेंटर की स्थापना के लिए अलग से राशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी। सरकारी कॉलेज के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले छात्र, युवा, व्यवसायिक वर्ग को फायदा होगा। उन्हें कॉलेज से ही स्टाफ आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

जिले 13 कॉलेजों में स्थापना

सूत्रों के अनुसार जिले के 13 कॉलेजों को फायदा होगा। इसमें शासकीय होमसाइंस कॉलेज, एमकेबी कॉलेज, शासकीय साइंस कॉलेज, ओएफके कॉलेज, कन्या कॉलेज रांझी, बरेला कॉलेज, बरगी, कुण्डम, मझौली, पनागर, पाटन, श्याम सुंदर अग्रवाल महाविद्यालय सिहोरा, शासकीय महाकोशल कॉलेज शामिल हैं।

यह है स्थिति

20 जिलों में इग्नू सेंटर
36 एक्टिव सेंटर
5 सेंटर जिले में
7 हजार शिक्षार्थी

शहर में इग्नू सेंटर

रानी दुर्गावती विवि
प्रांतीय शिक्षा महाविद्यालय
माता गुजरी महाविद्यालय
मिलट्री अस्पताल
मेडिकल कॉलेज

उच्च शिक्षा विभाग की ओर से पहली बार इस तरह की पहल की गई है। जो भी उपयुक्त प्रस्ताव आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
विवेक श्रीवास्तव, डॉयरेक्टर, इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय जबलपुर सेंटर

यह बेहतरीन प्रस्ताव है। कॉलेजों में सेंटर खुलने से आसपास के छात्रों और लोगों को लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी। प्रस्ताव पर कॉलेज पहल कर रहा है।
डॉ. एसके श्रीवास्तव, प्राचार्य, शा बरेला कॉलेज