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सड़े- रिजेक्ट बॉक्स में सेना के जिंदा बम, मच गया हडक़ंप

सेना के जिंदा बम

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Indian Army bomb in the Rejected box

Indian Army bomb in the Rejected box

जबलपुर. सेना को लकड़ी के रिजेक्ट बॉक्स में बमों की सप्लाई का मामला सामने आया है। ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में इस लापरवाही से हडक़म्प मचा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि बॉक्स की गुणवत्ता की जांच करने वाले विभाग ने इसे तय मापदंडों के अनुरूप नहीं होने के बाद भी इन्हें उपयोग में लिया गया। दुघर्टना की आशंका को देखते हुए रक्षा मंत्रालय व दूसरे फोरम में शिकायत की गई है।

रिजेक्टेड वुडन बॉक्स में सेना को बम की सप्लाई, दुर्घटना की आशंका
बताया गया कि फैक्ट्री के एफ-3 सेक्शन में तैयार होने वाले बमों के लिए क्रेट वुड 12 ए नाम से 444 वुडन बॉक्स मंगाए गए थे। इसकी सप्लाई हरियाणा की अशोका इंडस्ट्रियल एजेंसी ने की थी। इन्हें इस्तेमाल से पहले फैक्ट्री के क्वालिटी एश्योरेंस लेबोरेटरी में जांच की गई। बॉक्स दीमक या पानी से बचाव के मापदंड पर भी खरे नहीं उतरे। इस सम्बंध में फैक्ट्री के प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।


सेक्शन ने भी नहीं दिया ध्यान- ओएफके कामगार यूनियन ने मामले की शिकायत रक्षा मंत्री, सांसद राकेश सिंह, आयुध निर्माणी बोर्ड के चेयरमैन और बीपीएमएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजी है। यूनियन के वरिष्ठ नेता अजय तिवारी और राकेश शर्मा ने वरिष्ठ महाप्रबंधक एके अग्रवाल को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि बॉक्स के उपयोग के लायक नहीं होने की सूचना गुणवत्ता विभाग ने फर्म, उपयोगकर्ता सेक्शन और स्टोर अनुभाग को दी। निर्माणी प्रशासन की ओर से भी फर्म को पत्र लिखकर रिजेक्टेड बॉक्स वापस ले जाने के लिए कहा गया।

रक्षा मंत्रालय समेत अन्य फोरम में शिकायत
निर्माता फर्म ने 14 जून को बॉक्स ले जाने के लिए ट्रक भेजा तो पता चला कि बॉक्स का उपयोग किया जा चुका है। यूनियन के अध्यक्ष रूपेश पाठक, महामंत्री पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया, एनडीएनजीएस के वरिष्ठ पदाधिकारी डीके चौधरी की उपस्थिति में यूनियन ने स्टोर के हेड से रिजेक्टेड बॉक्स दिखाने के लिए कहा तो वे असमर्थ रहे। यूनियन ने महाप्रबंधक से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
ओएफके प्रशासन की लापरवाही :