5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां आते ही ठीक हो जाती है रीढ़ की हड्डी, देश का सबसे अच्छा स्पाइनल इंज्युरी सेंटर

यहां आते ही ठीक हो जाती है रीढ़ की हड्डी, देश का सबसे अच्छा स्पाइनल इंज्युरी सेंटर

2 min read
Google source verification
Cancer hospital

Indian Spinal Injuries Centre | Top Super Speciality Spinal Hospitals in india

जबलपुर. मेडिकल के रीजनल स्पाइनल इंज्युरी सेंटर की रीढ़ १४ साल बाद भी टूटी हुई है। सेंट्रल इंडिया के एकमात्र सेंटर में स्पाइन के हर प्रकार के जटिल मर्ज का इलाज होना था। इसके लिए पहले केंद्र सरकार, फिर राज्य सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च किए। लेकिन, सेंटर का संचालन स्थायी प्रशासक की कमी के फेर में उलझ गया है। चिकित्सकों पर दोहरे कामकाज के भार की मार सेंटर पर एेसी पड़ी कि सभी जरूरी सुविधाएं जुटाने के बावजूद यहां न मरीजों की जांच शुरू हो सकी और न ही सर्जरी। नाकामी छिपाने के लिए प्रशासक अपनी जरूरत की सूची लम्बी करते चले गए। वर्षों बाद भी स्पाइन के मरीज सेंटर तक नहीं
पहुंच पाए।

1 करोड़ 88 लाख रुपए अनुदान जारी
आरएसआईसी की बेहतर निगरानी के लिए उसके संचालन का जिम्मा मेडिकल कॉलेज को सौंपा गया। राज्य सरकार ने बीते वर्ष सेंटर को १.८८ लाख रुपए का अनुदान जारी किया। इस राशि से सेंटर का उन्नयन कर उसके दरवाजे मार्च २०१८ में मरीजों के लिए खोलना था। लेकिन महीनों बाद भी आधुनिक सुविधाओं के साथ सेंटर की शुरुआत नहीं हो सकी। स्पाइन के मरीज उपचार के लिए अब भी मेडिकल के अस्थि रोग विभाग के चक्कर काट रहे हैं।

सब कुछ, फिर भी इंतजार
आरएसआईसी की शुरुआत बीते कई वर्षों से कभी उपकरणों की कमी तो कभी स्टाफ की कमी के कारण उलझ रही है। सूत्रों के अनुसार शासन ने सेंटर के लिए जरूरी सभी आवश्यकताओं को महीनों पहले पूरा कर दिया गया है। नई ओटी तैयार है। एक्स-रे सुविधा भी उपलब्ध है। एसी लग गए हैं। निश्चेतना विशेषज्ञ, चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की जरूरत पूरी हो गई है। फिर भी मरीजों का इंतजार बढ़ता जा रहा है।

ये है हकीकत
04 आरएसआईसी है देश में है, मोहाली, कटक, बरेली और जबलपुर
1.88 करोड़ रुपए हाल ही में राज्य सरकार ने जारी किए हैं
04 हॉल हैं सेंटर में, इसमें मरीजों के लगभग ६० बिस्तर की क्षमता
03 प्राइवेट रूम बनाए गए है, आधुनिक ओटी भी तैयार है
20 से अधिक कर्मचारियों का स्टाफ है सेंटर में
08 के लगभग चिकित्सक (अस्थि रोग विभाग में दे रहे सेवाएं)

अभी ये है हाल
सेंटर में चिकित्सक नहीं आते। अस्थि रोग विभाग में होती है मरीजों की जांच।
जांच के बाद मरीजों को सेंटर में केवल भर्ती किया जाता है।
आधुनिक ओटी होने के बावजूद मरीजों के ऑपरेशन सेंटर में नहीं हो रहे।
क्षमता ज्यादा है, लेकिन सेंटर में १०-१५ मरीज ही भर्ती हैं। इसमें भी कई वर्षों पुराने हैं
प्रशासक पर तिहरा प्रभार है। शहर से बाहर रहते हैं। इससे कार्य प्रभावित है।

जिम्मेदार बोले
स्पाइन इंज्युरी सेंटर के डायरेक्टर डॉ. एचकेटी रजा हैं। उनका मत जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने व्यस्ततता का हवाला देते हुए जवाब देने से इनकार कर दिया। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना के अनुसार रीजनल सेंटर का रेनोवेशन पूरा हो गया है। जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं जल्द ही सेंटर का विधिवत शुभारंभ होगा।