12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्राइवेट स्कूलों को 80 करोड़ की फीस लौटाने के आदेश, हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

Jabalpur Collector Deepak Saxena स्कूलों को नियम विरुद्ध बढ़ाई गई और वसूली गई फीस लौटाने के आदेश दिए गए हैं।

2 min read
Google source verification
feesjbp

feesjbp

Jabalpur Collector Deepak Saxena Jabalpur Private School Fees Jabalpur High Court मध्यप्रदेश में प्राइवेट स्कूलों पर सख्ती चल रही है। स्कूलों को नियम विरुद्ध बढ़ाई गई और वसूली गई फीस लौटाने के आदेश दिए गए हैं। जबलपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना ने इस कार्रवाई की शुरुआत की और धीरे धीरे पूरे प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों के लिए ऐसे आदेश जारी कर दिए गए। इधर प्रशासन के आदेश के खिलाफ जबलपुर के स्कूल संचालक हाई कोर्ट (HC) चल गए लेकिन उन्हें वहां भी बड़ा झटका लगा है। जबलपुर हाई कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है।

जबलपुर में 11 प्राइवेट स्कूलों को फीस लौटाने के आदेश दिए गए हैं। इन स्कूलों पर अतिरिक्त वसूली गई फीस की 80 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि निकली है जोकि अभिभावकों को वापस करनी है। जिला फीस निर्धारण कमेटी के इस फैसले के खिलाफ प्राइवेट स्कूलों ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई।

यह भी पढ़ें : पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा पर लगी पाबंदी, भगदड़ मचने की आशंका से अब नहीं होगी शिव महा पुराण

जबलपुर हाई कोर्ट से फिलहाल प्राइवेट स्कूलों को कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने फीस लौटाने और स्कूल फीस के नए स्ट्रक्चर को चुनौती देने वाली प्राइवेट स्कूलों की याचिकाएं खारिज कर दीं। हाई कोर्ट ने इन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया।

यह भी पढ़ें : Heavy Rain Alert – चक्रवात से बढ़ा खतरा, जानिए 30, 31 जुलाई और 1 अगस्त को कहां होगी जोरदार बारिश

प्राइवेट स्कूलों को 80 करोड़ की फीस लौटाने और स्कूल फीस स्ट्रक्चर संबंधी आदेश पर जबलपुर हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में प्राइवेट स्कूल राज्य फीस निर्धारण कमेटी में अपील कर सकते हैं।

बता दें कि स्कूल फीस का नया स्ट्रक्चर जबलपुर की जिलास्तरीय स्कूल फीस निर्धारण कमेटी ने तय किया है। कमेटी के इस आदेश को प्राइवेट स्कूलों ने चुनौती दी थी।

क्या है नियम
10 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने पर जिला प्रशासन को सूचना देना अनिवार्य है।
15 प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ोत्तरी पर राज्य सरकार की अनुमति जरूरी है।

क्या है मामला
जबलपुर के करीब 240 प्राइवेट स्कूलों में नियमों के खिलाफ जाते हुए फीस वृद्धि की। पहले चरण की जांच में 11 स्कूलों को लिया गया। 229 स्कूलों से 2018 से अभी तक की फीस वृद्धि का मूल्यांकन खुद करने को कहा गया।