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कर्मचारियों की ‘ग्रेच्युटी’ पर हाईकोर्ट का आदेश, 30 दिन के अंदर करें भुगतान

MP News: हाईकोर्ट ने निजी स्कूल प्रबंधन की दलील खारिज करते हुए कहा, एक्ट के तहत कर्मचारी के आवेदन की प्रतीक्षा किए बिना नियोक्ता का दायित्व है कि वह ग्रेच्युटी राशि 30 दिन में दे।

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gratuity to employees

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MP News:एमपी में जबलपुर हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की ग्रेज्युटी भुगतान पर अहम आदेश पारित किया है। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने कहा कि ग्रेच्युटी कर्मचारी का अधिकार है। कार्यमुक्त होने के 30 दिन में भुगतान नियोक्ता का दायित्व है। इसके लिए किसी आवेदन की जरूरत नहीं है।

डिवीजन बेंच जबलपुर के निजी स्कूल प्रबंधन की अपील पर सुनवाई कर रही थी। स्कूल में शिक्षिका रही मौसमी बनर्जी सहित अन्य को ग्रेच्युटी नहीं देने पर नियंत्रण प्राधिकरण व सहायक श्रम आयुक्त ने ब्याज सहित भुगतान के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।

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हाईकोर्ट ने खारिज की स्कूल की दलील

हाईकोर्ट ने निजी स्कूल प्रबंधन की दलील खारिज करते हुए कहा, एक्ट के तहत कर्मचारी के आवेदन की प्रतीक्षा किए बिना नियोक्ता का दायित्व है कि वह ग्रेच्युटी राशि 30 दिन में दे। एक्ट में ऐसा प्रावधान नहीं है, जो सिर्फ देरी के आधार पर नियोक्ता को ग्रेच्युटी के अधिकार से वंचित करने की अनुमति देता हो।