
kisan andolan
नरसिंहपुर। मप्र में एक बार किसान आंदोलन की चिंगारी भड़कने लगी है। जिसमें कांग्रेस आग में घाी डालने वाला काम करती नजर आ रही है। हालांकि इस बार किसानों का मुद्दा फसल नहीं बल्कि हक की लड़ाई बना है। ऐसे में जिला प्रशासन के खिलाफ भी लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। दिनों दिन किसानों की गुस्सा उबलता जा रहा है। ताजा मामला शांतिप्रिय प्रदर्शन में पुलिस की बर्बरता से जुड़ा है। एनटीपीसी के खिलाफ प्रदर्शन करने पर १८ जनवरी को जेल भेजे गए किसान पुत्रों की रिहाई की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर आधी रात लगभग १२ बजे पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें एक युवती सहित ३ महिलाएं घायल हुई हैं। जब लाठीचार्ज हुआ, तब मौके पर कलेक्टर अभय वर्मा और पुलिस अधीक्षक डॉ, मोनिका शुक्ला भी मौजूद थे।
देर रात प्रदर्शन करने वाले लोग सो रहे थे। अचानक देर रात करीब १२ बजे कलेक्टर अभय वर्मा वहां पहुंचे और उन्होंने पुलिस बल बुला लिया। फोर्स आने के बाद उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोग, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थी, से धरनास्थल से जाने को कहा। प्रदर्शनकारियों के मना करने पर पुलिस ने बल प्रयोग कर दिया।
मर जाएंगे, हटेंगे नहीं
प्रदर्शन कर रहे लोगों को कहना है कि वे जान दे देंगे, लेकिन यहां से नहीं हटेंगे। घटना के बाद देर रात तक कलेक्ट्रेट में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं। घटनास्थल पर खबर लिखे जाने तक हंगामा जारी है। मामले में एसपी डॉ. मोनिका शुक्ला का कहना था कि हमने लाठीचार्ज नहीं किया। देर रात तक एसपी प्रदर्शनकारियों से समझाइश और बातचीत में जुटीं थीं।
महिलाओं को भी नहीं बख्शा
पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से बुरी तरह मारपीट की। एक वृद्धा बुरी तरह घायल हो गई। उसके पैर से खून भी निकलने लगा। दो घायल महिलाओं और एक युवती को अस्पातल में भर्ती कराना पड़ा। घटना में एक युवती भी बेहोश हो गई थी। लाठीचार्ज के बावजूद भी प्रदर्शन कर रहे लोग अब भी कलेक्ट्रेट में डटे हैं।
Updated on:
23 Jan 2018 12:20 pm
Published on:
23 Jan 2018 11:16 am
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