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अन्नदाता परेशान: यहां खुले में पड़ा है सैकड़ों क्विंटल अनाज, वजह जानकार रह जाएंगे हैरान

अधिकारियों के सारे दावे फेल, खरीदी केंद्रों में लगी बोरियों की छल्ली

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kisan fraud case in mp

जबलपुर/सिहोरा। शासन की गेंहू खऱीदी में अव्यवस्था के दावे की पोल खरीदी केंद्रों में लगी बोरियों की छल्ली से लग रहा है। सिहोरा और मझौली तहसील के तीन दर्जन से अधिक केंद्रों में परिवहन का काम पूरी तरह से ठप्प पड़ा है। किसान चिलचिलाती धूप में परेशान हो रहे हैं, वही दूसरी तरफ प्रशासन और समिति के जि़म्मेदार अधिकारी पल्लेदार नही मिलने का बहा रहे हैं। हजारों क्विंटल अनाज खुले आसमान के नीचे रखा है। ऐसे में मौसम के करवट बदलने पर किसान के गाढ़े पसीने से उगाए अनाज के खराब होने का खतरा बना हुआ है।

यहां हालात बद से बदतर
सबसे खराब स्थिति बरगी खरीदी केंद्र में है। यहां करीब 30 हजार क्विंटल गेंहू परिवहन के लिए पड़ा है। करीब आठ दिन से किसान अपनी बेचने के लिए लाई उपज रखने के लिए जगह तलाश रहे हैं। किसान पहरूआ के अशोक पटेल ने बताया कि भीषण गर्मी में ट्रेक्टर से तीस क्विंटल गेंहू लेकर आए थे, लेकिन रखने के लिए जगह नही है। कुछ ऐसे ही हालात मझगवां खऱीदी केंद्र के हैं। यहां करीब चालीस हजार क्विंटल गेंहू बोरियों में परिवहन के लिए रखा है।

... और यहां खरीदी बंद पड़ी
नुंजी, फनवानी और ढ़करवाह खरीदी केंद्रों में तो परिवहन नही होने से खरीदी का काम तीन दिन बंद हो गया है। लखनपुर में खरीदी केंद्र में आग लगने की घटना के बाद दस दिन से खरीदी नही हो रही। किसान आलासूर के किसान बृज मोहन पटेल ने कहते हैं शासन वादे तो बड़े-बड़े करती है, लेकिन हकीकत में खरीदी केंद्रों में हालात बद से बदतर हैं। यहां किसानों की न अधिकारी सून रहे और न समिति वाले।

किसान संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
परिवहन का काम ठप्प होने और बारदाना नही पहूँचने से किसानों को हो रही परेशानी को लेकर किसान संघ सिहोरा तहसील अध्यक्ष सुरेश पटेल ने आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि तीन दिन में प्रशासन ने हालात नही सुधारे तो अब आर-पार की लड़ाई होगी।