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laxmi pujan muhurat 2024 : 12 सौ साल पुराने लक्ष्मीनारायण मंदिर में विराजी है विष्णु पंचायत

श्रीसूक्त, पुरु सूक्त, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ कर गाय के गोबर से बने कंडे से हवन व रतजगा करेंगे। मनोकामना पूर्ति के लिए मंदिर में नारियल अर्पित करेंगे। माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए धनतेरस पर मंदिर में ध्वज अर्पित किया जाएगा।

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laxmi pujan muhurat 2024 : संस्कारधानी में माता लक्ष्मी और श्रीहरि का 1200 वर्ष प्राचीन मंदिर है। यहां गर्भगृह में दोनों एक साथ विराजे हैं। दीपावली पर लम्हेटाघाट के समीप गोपालपुर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। सुबह के पूजन में नर्मदा तट से जल भरकर मंदिर में अभिषेक कर श्रद्धालु सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना करेंगे। श्रीसूक्त, पुरु सूक्त, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ कर गाय के गोबर से बने कंडे से हवन व रतजगा करेंगे। मनोकामना पूर्ति के लिए मंदिर में नारियल अर्पित करेंगे। माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए धनतेरस पर मंदिर में ध्वज अर्पित किया जाएगा।

laxmi pujan muhurat 2024 : धनतेरस पर ध्वज और दीपावली पर श्रीफल चढ़ाएंगे भक्त

मंदिर के पुजारी प्रेम प्यासी ने बताया कि मंदिर में श्री विष्णु पंचायत स्थित हैं। सामने सिद्धिविनायक, सूर्य भगवान, महिसासुर मर्दिनी, मां नर्मदा, शिव-पार्वती की प्रतिमा स्थापित हैं। इन प्रतिमाओं के बीच में लक्ष्मी नारायण की तीन फीट ऊंची प्रतिमा स्थित है। बाहर की ओर द्वादश शिवलिंग हैं। सरस्वती मैया, पवनसुत हनुमान, अन्नपूर्णा मैया, सिद्ध बाबा व शनि देव की प्रतिमा भी हैं।

laxmi pujan muhurat 2024 : नौ शिखर वाला एकादशी देवी का इकलौता मंदिर

जानकारों के अनुसार यह देश पहला ऐसा मंदिर है जहां एकादशी देवी की प्रतिमा विराजमान है। मंदिर परिसर में आते ही आज भी सम्मोहन का आभास होता है। मंदिर के प्रमुख पुजारी आरके प्यासी ने बताया कि यह मंदिर नौ शिखरों वाला नौचक्र साधन युक्त है। इसके चारों ओर एक-एक कोण पर एक-एक मंदिर बना है। बीच में मुख्य मंदिर है।

laxmi pujan muhurat 2024 : दो मंजिल का है मुख्य मंदिर

मुख्य मंदिर दो मंजिल का है। चारों ओर चार छोटे मंदिर हैं। इस प्रकार पांच मंदिर होने से इसे पचमठा मंदिर कहा जाता है। इतिहासकार डॉ आनंद सिंह राणा के अनुसार मंदिर का निर्माण अठारहवीं ईसवी में 1200 वर्ष पूर्व हुआ था।