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इन युवाओंं ने नर्मदा किनारे डाला अपना डेरा, सुबह-शाम कर रहे ये काम

- एक माह तक नदी किनारे रहकर जीवनयापन करेंगे युवा

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 narmada ghat

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जबलपुर. आध्यात्मिक साधना की दृष्टि से महत्वपूर्ण माघ माह का बुधवार से शुभारम्भ हो गया। प्रयाग तीर्थ इलाहाबाद के गंगा की तरह नर्मदा तट पर भी माघ माह का कल्पवास होगा। ग्वारीघाट और भेड़ाघाट में दूर-दराज से
आए श्रद्धालु माघ कल्पवास की साधना करेंगे। माघ माह में पवित्र नदियों के किनारे रहकर पूजा-पाठ करते हुए जीवन गुजारने को कल्पवास कहा जाता है। पौष पूर्णिमा से लेकर माघ पूर्णिमा तक पूरे एक माह कल्पवास किया जाता है। कल्पवास करने आए भक्तों में बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हैं।
माघ कल्पवास का पूजन
ग्वारीघाट व हरे कृष्णा आश्रम भेड़ाघाट में भी बुुधवार से माघ माह कल्पवास शुरू हुआ। इसके लिए यहां दूूर दराज के श्रद्धालुओं का आगमन हो गया है। ग्वारीघाट में संतों के सान्निध्य में द्वादश ज्योतिर्लिंग पूजन, नर्मदा पूजन कर माघ माह कल्पवास का शुभारम्भ हुआ। स्वामी राघवदेवाचार्य, स्वामी बालक दास, स्वामी सनातन, स्वामी सुदर्शन दास, स्वामी रामकेशवानन्द, भूपेन्द्र दुबे, राधेश्याम शास्त्री, प्रकाश दुबे ने पूजन किया। इसके पूर्व झंडा चौक से ग्वारीघाट तक शोभायात्रा निकाली गई। माघ महोत्सव के संयोजक ओंकार दुबे ने बताया कि माघ कल्पवास में नि:शुल्क सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
पूर्णिमा स्नान के साथ शुभारंभ
इससे पहले मंगलवार को पौष पूर्णिमा पर नर्मदा स्नान किया गया। पूर्णिमा पर सूर्योदय से पहले नर्मदा तटों ग्वारीघाट, तिलवारा घाट, जिलहरी घाट, लम्हेटा घाट, सरस्वती घाट में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। तीर्थ पुरोहित अभिषेक मिश्रा ने बताया, पौष पूर्णिमा के मुहूर्त में सुबह से देर शाम तक लोगों ने नर्मदा दर्शन किया।
पौष पूर्णिमा पर मंगलवार को नर्मदा तटों पर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। नर्मदा भक्तों ने विभिन्न तटों पर पुण्य स्नान कर सामूहिक रूप से सत्यनारायण व्रत कथा सुनी। पुरोहितों ने गौ दान व अन्य धार्मिक अनुष्ठान कराए। लोगों ने प्रसाद का वितरण कर पुण्य अर्जित किया।
निकाली शोभायात्रा
ग्वारीघाट में अव्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। तटों पर आधा दर्जन चेंजिंग रूम होने के कारण महिलाओं और युवतियों को परेशानी हुई। तिलवाराघाट में भी ५ चेंजिंग रूम बनाए गए थे। चेंजिंग रूम कम होने से स्नान के बाद महिलाओं को इंजतार करना पड़ा। पूर्णिमा पर मंगलवार को हरेकृष्णा आश्रम भेड़ाघाट से ग्वारीघाट तक नर्मदा पंचकोसी परिक्रमा निकाली गई। नर्मदे हर के ध्वज लेकर जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा की परिक्रमा की। सिद्धन माता, स्वामी हरिदास, उद्योगपति कैलाश गुप्ता, संजय यादव, शरद अग्रवाल, विवेक यादव, राज भटनाकर, दीपक साहू, सुमित रैकवार व पीयूष सराफ ने नर्मदा परिक्रमा की। संरक्षक डॉ. सुधीर अग्रवाल, योगाचार्य डॉ. शिवशंकर पटेल, मनमोहन दुबे ने नर्मदा महाआरती की।