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सिंह पर सवार होकर आ रही मकर संक्रांति, कोरोना का करेगी नाश

उपवाहन है गज, श्वेत वस्तुओं के बढ़ सकते हैं दाम

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Makar Sankranti importance and shubh murat of 2021

Makar Sankranti importance and shubh murat of 2021

जबलपुर. मकर-संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन नवग्रहों के राजा सूर्य अपनी राशि परिवर्तन कर प्रात: 8.13 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही देशभर में मकर संक्रांति के पर्व का शुभारम्भ हो जाएगा। इस वर्ष संक्रांति सिंह (व्याघ) वाहन पर सवार होकर गज उपवाहन के साथ आ रही है। संक्रांति के शुभफल स्वरूप कोरोना महामारी की समाप्ति के संकेत हैं।
संक्रांति का वाहन-
पंडित जनार्दन शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2021 में संक्रांति का वाहन सिंह (व्याघ) एवं उपवाहन गज (हाथी) रहेगा। इस वर्ष संक्रांति का आगमन श्वेत वस्त्र व पाटली कंचुकी धारण किए बालावस्था में कस्तूरी लेपन कर गदा आयुध (शस्त्र) लिए स्वर्णपात्र में अन्न भक्षण करते हुए आग्नेय दिशा को दृष्टिगत किए पूर्व दिशा की ओर गमन करते हो रहा है।
संक्रांति का फल-
देशभर में सफेद वस्तुओं जैसे चांदी, चावल, दूध, शकर आदि के दाम बढ़ सकते हैं। राजा के प्रति विरोध की भावना बलवती होती। ब्राह्मण वर्ग का सम्मान बढ़ेगा। संन्यासियों व किसानों को कष्ट होगा। पश्चिम देशों से रिश्ते मधुर होंगे। पड़ोसी देशों से रिश्तों में कटुता बढ़ेगी। महामारी के प्रसार में कमी आएगी।
माना जाता है कि संक्रांति शुभ होगी या अशुभ इसका विचार उसके वाहन एवं उपवाहन से किया जाता है। फिर उसका नाम भी रखा जाता है और फिर देखा जाता है कि वह देश-दुनिया के लिए कैसी रहेगी। माना जाता है कि संक्रांति जो कुछ ग्रहण करती है, उसके मूल्य बढ़ जाते हैं या वह नष्ट हो जाता है। वह जिसे देखती है, वह नष्ट हो जाता है, जिस दिशा से वह जाती है, वहां के लोग सुखी होते हैं, जिस दिशा को वह चली जाती है, वहां के लोग दुखी हो जाते हैं।
सवा चार घंटे पुण्यकाल
पंडित शुक्ला के अनुसार सूर्य 14 जनवरी को सुबह 8.13 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा। इस दिन पुण्य काल सवा चार घंटे तक यानी सुबह 8.13 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक रहेगा। इसी बीच 14 मिनट तक अर्थात 8.13 बजे से 8.27 बजे तक महापुण्य काल रहेगा। इस काल में तिल, गुड़, वस्त्र का दान करना और तर्पण करना पुण्य फलदायी होगा।
मकर-संक्रांति का राशि अनुसार फल
- मेष- ईष्ट सिद्धि
- वृषभ- धर्म लाभ
- मिथुन- शारीरिक कष्ट
- कर्क- सम्मान में वृद्धि
- सिंह- भय व चिन्ता
- कन्या- धन वृद्धि
- तुला- कलह व मानसिक चिंता
- वृश्चिक- धनागम व सुख-शांति
- धनु- धन लाभ
- मकर- स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति
- कुम्भ- लाभ
- मीन- प्रतिष्ठा में वृद्धि