
बोर्ड परीक्षा में पास होने और नंबर पाने के लिए छात्र भावनात्मक अपील करने में भी पीछे नहीं है। भोलेनाथ, माता सरस्वती से लेकर अन्य देवी देवताओं के आह्वान से परीक्षा कॉपी की शुरुआत कर रहे हैं। कई विद्यार्थी शादी हो जाने से लेकर बीमार होने तक का सहारा ले रहे हैं। जानकारों के अनुसार बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में इस तरह के हैरान कर देने वाले मामले शिक्षकों के पास आए हैं। कॉपियों की जांच करने वाले शिक्षक भी इसे देखकर हैरान हैं। हालांकि मूल्यांकन कार्य वस्तुपरक आधार पर एमएलबी में संपन्न किया जा रहा है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में जिले में करीब 2 लाख कॉपियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। जल्द ही दूसरी खैप आने वाली है। इस बार पारदर्शिता के लिए कॉपियों में बारकोङ्क्षडग की गई है।
केस-1
12वीं कक्षा के अंग्रेजी विषय की कॉपी में एक छात्रा को फेल होने की आशंका थी। उसने लिखा कि यदि वह फेल हो गई तो आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाएगी और परिवार वाले शादी करा देंगे।
केस-2
10वीं कक्षा के एक छात्र ने हिंदी की कॉपी में शुरुआत भगवान के नाम से की। कॉपी के सबसे पहले पन्ने पर सरस्वती जी का नाम लिखा। हिस्ट्री के पेपर में भी एक छात्र ने भोले शंकर का नाम लिखा।
कई बार बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। परीक्षा के दौरान मन में अंतरद्वंद होता है और जो तात्कालिक भाव आते हैं बचाव को लेकर रखते हैं। हालांकि मूल्यांकन भावनात्मक नहीं वस्तुपरक होता है।
-सुधीर उपाध्याय, मूल्यांकन आब्जर्वर
Published on:
11 Mar 2024 08:25 am
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