
मध्यप्रदेश चुनाव 2023
जबलपुर। विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। राजनीतिक पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों की सूची भी जारी कर दी हैं। शहर के हर विधानसभा क्षेत्र में इस बार दोनो प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने एक दर्जन से अधिक पढ़े लिखे लोगों की दावेदारी ठुकराकर उनकी टिकट काट दी है। ऐसे में नुक्कड़, चौराहों पर टिकट के दावेदार रहे ये नेता भविष्य के दावे कर अपनी खिसियाहट निकालते नजर आ रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि टिकट नही मिली तो क्या हुआ, नाम चला तो जनता में लोकप्रियता तो बढ़ी। यह आने वाले समय में काम आएगी।
ऊर्जा का रूपांतरण
एक पढ़े-लिखे और अनुभवी सज्जन अपना भाग्य आजमाने राजनीति के दरिया में कूद पड़े। वे वैज्ञानिक मेधा सम्पन्न मनुष्य जान पड़ते हैं। उनका कहना है कि ऊर्जा कभी नष्ट नहीं होती, उसका रूपांतरण होता है। निष्काम कर्म की अवधारणा का भी यही निहितार्थ है। उन्होंने इसी सोच के साथ संस्कारधानी के क्षेत्र विशेष से चुनावी समर में उतरने का संकल्प लिया था । वे कहते हैं कि मेरे हितचिंतक मुझे वृद्धावस्था के लिए संचित धन इस तरह व्यर्थ खर्च न करने की समझाइश देने आगे आते रहते हैं। किंतु मैं उनकी एक नहीं सुनता।
खेलने नहीं दिया तो पिटटुक गिराएंगे
पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के कुछ दावेदार टिकट कटने के बाद ठेठ जबलपुरिया अंदाज में धमकी देते नजर आ रहे हैं।बचपन की याद कर वे पिट्टुक के खेल का हवाला दे रहे हैं। इनका कहना है कि हमें खेलने नहीं दिया तो अब हम पिट्टुक गिराएंगे। कुछ ऐसे नेता तो बाकायदा घोषित उम्मीदवार के खिलाफ लामबन्दी में खुलकर जुट गए हैं।
Published on:
22 Oct 2023 09:05 am

