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जबलपुर : अब क्लासरूम कक्षा में ही ब्रह्मांड की सैर करेंगे स्टूडेंट्स

जबलपुर : अब क्लासरूम कक्षा में ही ब्रह्मांड की सैर करेंगे स्टूडेंट्स  

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mp first virtual reality lab

मयंक साहू@जबलपुर. प्रदेश की पहली वर्चुअल रियलिटी लैब बच्चों को आभासी दुनिया से परिचय कराएगी। पढ़ाई के साथ रोमांच का ऐसा अनुभव होगा कि क्लास रूम में बैठे-बैठे ब्रह्मांड की सैर से लेकर मानव कोशिका की गहराई तक जाकर अध्ययन कर सकेंगे।

छात्रों को ले जाएगी आभासी दुनिया में और जानेंगे कोशिका की गहराई

समुद्र में गोते लगाने और अपनी सीट पर ही सभी तरह के प्रैक्टिकल कर सकेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मेटावर्स के प्रयोग से मॉलल स्कूल में तैयार हुई लैब से नए दौर की पढ़ाई बहुत जल्दी शुरू हो जाएगी। 26 जनवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसका लोकार्पण कर सकते हैं। बताया गया है कि प्रदेश की यह पहली थ्री डाइमेंशन वर्चुअल रियलिटी लैब होगी, जिसमें कक्षा 6 से लेकर कक्षा 10 तक के बच्चों को उस दुनिया से अवगत कराया जाएगा, जो कल्पनाओं में ही होती है। बच्चे समुद्री जंतु और ब्रह्मांड के रहस्यों को भी जान सकेंगे। यह आभासी दुनिया छात्रों को पढ़ाई में एक नए रोमांच की ओर ले जाएगी। छात्र खुद को वहां मौजूद होना पाएंगे। अब सिर्फ किताबों से ही नहीं बल्कि वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से विज्ञान के जटिल विषयों को पढ़ाना और उसका अनुभव करना संभव होगा।

देश की तीसरी लैब
लैब के प्रोजेक्ट हेड मयूर शुक्ला ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मेटावर्स को मिलाकर इस लैब को तैयार किया गया है। देश की यह तीसरी वर्चुअल रियालिटी लैब है। दिल्ली एवं एक गुजरात में स्थापित एक-एक लैब का एडवांस वर्जन जबलपुर के मॉडल स्कूल में तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर 30 लाख रुपए अब तक खर्च हुए हैं और एक साल में लैब का काम पूरा हुआ है। निखिल भटनागर, ललित बर्मन, मयंक श्रीवास्तव, मुदिता पांडे आदि सहित 32 लोगों की टीम ने जिला प्रशासन के सहयोग से इसे तैयार किया है।

इस तरह होता है उपयोग

लैब में छात्र वीआर हेडसेट के माध्यम से आभासी दुनिया में चला जाता है। एक्सपर्ट या प्रशिक्षक टेबलेट के माध्यम से विषयों क बारे में बताएंगे, यदि मानव शरीर की किसी सेल, टिसू के बारे में पढ़ाया जा रहा है तो छात्र उस सेल अथवा संरचना के अंदर खुद को होना महसूस करेंगे। छात्रों को समूह में बैठाकर थ्री डाइमेंशन के द्वारा अध्यापन के विषयों को समझाया जा सकेगा। आभासी वास्तविकता उत्पन्न करते हुये अमूर्त अवधारणाएं, त्रिआयामी वातावरण में कैसे काम करती है उन्हें समझने और कल्पना शक्ति बढ़ाने में भी सहायक होगा।

साइंस के चैप्टर तैयार

वर्चुअल रियलिटी लैब विज्ञान विषयों का नया अनुभव लेने के लिए तकनीकी एक्सपर्ट टीम द्वारा विज्ञान से जुड़े विषयों को इसे तैयार किया गया है। पहले विषयों को कम्प्यूटरीकृत भाषा में तब्दील किया गया। बॉयोलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स के चैप्टर को थ्री-डायमेंशन में आभासी प्रतिबिंब तैयार किए गए हैं। पहली बार कक्षा 6 वीं से लेकर कक्षा10वीं तक के विषयों को इसमें शामिल किया गया है जो कहीं भी उपलब्ध नहीं हैं।

वर्चुअल रियलिटी लैब आधुनिक कम्प्यूटर तकनीक से तैयार की गई है। इसके द्वारा एक आभासी वातावरण जो बिल्कुल असली वातावरण जैसा दिखाई देता है हमें ले रोमांचक दुनिया में ले जाता है। विज्ञान विषयों को थ्री-डाइमेंशन में तैयार किया है। शिक्षकों को इसकी तकनीकी ट्रेनिंग दे रहे हैं ताकि छात्रों को पढ़ाया जा सके।
- मयूर शुक्ला, प्रोजेक्ट हेड वर्चुअल लैब