
MP Police Recruitment Exam
MP High Court - एमपी में 10 हजार पदों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर जबलपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। कोर्ट ने नियमों में बदलाव संबंधी याचिका पर जहां सरकार को नोटिस जारी किया है वहीं सभी नियुक्तियों को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन करने की बात कही है। प्रदेश में माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में नियुक्तियों को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। शनिवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए सरकार को सभी नियुक्तियों को याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रखने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद रखी गई है।
याचिकाकर्ता प्रदीप कुमार पांडे माध्यमिक शिक्षक संस्कृत विषय के पद के लिए भर्ती प्रक्रिया में पात्रता नियमों में एकाएक किए गए बदलावों को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस डीडी बंसल ने प्रदेश सरकार, प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, लोक शिक्षण संचालनालय और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जबाव तलब किया है।
याचिका में प्रदीप कुमार पांडे ने बताया कि 2023 में आयोजित माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में सफलता प्राप्त करते हुए उन्होंने सभी जरूरी योग्यताएं भी पूरी की लेकिन 2024 में नया एग्जाम मैनुअल जारी किया गया। इसमें राज्य सरकार ने माध्यमिक शिक्षक पद (संस्कृत) के लिए पात्रता शर्तों में संशोधन कर दिया गया। इससे वे और उनके जैसे अन्य समान योग्यता वाले उम्मीदवार अचानक अपात्र हो गए। याचिकाकर्ता ने कहा कि पात्रता में अचानक बदलाव करना न केवल अनुचित है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14 का भी स्पष्ट उल्लंघन है।
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट आदेश दिया है कि सभी नियुक्तियां याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी। बता दें कि शिक्षकों के कुल 10,000 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं।
Updated on:
17 May 2025 09:16 pm
Published on:
17 May 2025 09:15 pm
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