
प्रतीकात्मक तस्वीर। (फोटो सोर्स- पत्रिका फाइल)
mp news: ‘मैने आपकी बेटी का अपहरण कर लिया है, 15 लाख रुपए फिरौती लेकर सदर काली मंदिर आ जाना। यदि पुलिस या किसी को बताया तो अंजाम बुरा होगा।’ यह डॉयलाग आपने जरूर सुना होगा। 80 और 90 की दशक की फिल्मों का यह चर्चित डॉयलाग था। मध्यप्रदेश के जबलपुर में इसी डॉयलाग से महज 14 साल की किशोरी ने न केवल परिवार व पुलिस को भी हलाकान कर दिया। बाद में वह एक हॉस्टल में मिल गई।
स्कूल में पढ़ने वाली खमरिया की 14 साल की किशोरी को मोबाइल चलाने की लत लग गई है। परिवार के सदस्य अक्सर डांट-फटकार करते थे। इस बार मां-नानी ने मोबाइल चलाने को लेकर डांटा तो किशोरी इतने आवेश में आ गई कि खुद के अपहरण की कहानी गढ़ फिरौती वाले डॉयलाग की चिट्ठी घर पर छोड़कर गायब हो गई। उस समय परिवार के सदस्य घर नहीं थे। लौटे तो फिरौती की चिट्ठी मिली। परिवार के लोग खमरिया थाना पहुंचे और पुलिस पर निष्क्रियता बरतने का आरोप लगाया।
पुलिस थाने पहुंचे परिजन ने पुलिस को बताया कि दो लोग तेजी से बाइक से आए और उनकी बेटी को अगवा कर ले गए। पुलिस ने पड़ताल की तो किसी ने भी अपहर्ताओं के आने की पुष्टि नहीं की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो एक ऑटो में किशोरी बैठते नजर आई। जब ऑटो को तलाशा गया तो चालक ने बताया कि बालिका को उसने सदर तक छोड़ा था। किशोरी एक हॉस्टल में मिल गई। खमरिया थाना प्रभारी सरोजनी टोप्पो ने बताया कि किशोरी मोबाइल चलाने से रोकने के कारण गुस्से में थी, इसलिए ऐसा पत्र लिखा था। पुलिस ने किशोरी को परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
Published on:
29 Jun 2025 05:40 pm
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