
शिवांश गुप्ता सुसाइड केस। (फोटो सोर्स- पत्रिका)
mp news: मध्यप्रदेश के जबलपुर में मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के खुदकुशी करने के मामले में नई बात सामने आई है। जूनियर डॉक्टर के परिजन ने सीनियर्स पर रैगिंग करने के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि रैगिंग से परेशान होकर ही उनके बेटे ने खुदकुशी की है। हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन रैगिंग जैसी किसी घटना से पहले ही इंकार कर चुका है । खुदकुशी करने वाली जूनियर डॉक्टर की मां का ये भी कहना है कि 3 दिन पहले खुद बेटे ने उन्हें सीनियर्स के द्वारा रैगिंग किए जाने की बात बताई थी।
खुदकुशी करने वाले जूनियर डॉक्टर शिवांश गुप्ता के चाचा दिनेश गुप्ता ने बताया है कि शिवांश ने खुदकुशी करने से 3 दिन पहले अपनी मां से फोन पर लंबी बातचीत की थी । तब शिवांश ने मां से कहा था कि उसने नई बाइक ली है लेकिन उसकी ये बाइक सीनियर्स को खटक रही है और इसी को लेकर सीनियर उसे परेशान कर रहे हैं। सीनियर ने उसको 3 घंटे तक कमरे में बंद करके रखा और उसके साथ मारपीट भी है। परिजन के मुताबिक सीनियर्स के परेशान करने के कारण ही शिवांश डिप्रेशन में था और उसने अपनी जान दी है। परिजन ने सभी सीनियर छात्रों के मोबाइल सर्विलांस की मांग की है और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर मामले को दबाने के आरोप भी लगाए हैं।
यह भी पढ़ें- बर्थ-डे पर पार्टी में आया बॉयफ्रेंड और कर डाला कांड…
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने घटना के बाद ही जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बना दी है। डीन नवनीत सक्सेना ने रैगिंग की किसी भी तरह की घटना से फिलहाल इनकार किया है। नवनीत सक्सेना का कहना है कि जिस हॉस्टल में शिवांश गुप्ता रहता था उसमें सिर्फ फर्स्ट ईयर के छात्र ही रहते हैं ऐसे में रैगिंग होना संभव नहीं है।
बता दें कि जबलपुर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर शिवांश गुप्ता ने गुरूवार को हॉस्टल की चौथी मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली थी। शिवांश गुप्ता ने सुसाइड से पहले अपने दोस्तों को वॉट्सएप पर एक मैसेज इमोशनल मैसेज भी भेजा था जिसमें उनसे लिखा था- आप लोग का साथ बहुत अच्छा रहा, आप लोग बहुत अच्छे हैं, आप सबका धन्यवाद…।
Published on:
06 Jun 2025 05:11 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
