
mp police recruitment and promotion latest news in hindi
जबलपुर। सिपाही को हवलदार बनने और एसआई को डीएसपी बनने के लिए अब लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही सिपाही सीधे एएसआई बन सकेंगे, वहीं एसआई डीएसपी के पद पर पदोन्नत होंगे। इसके लिए उन्हें विभागीय परीक्षा देनी होगी। सेवाकाल के दौरान वर्दी को भी बेदाग रखना होगा। पुलिस मुख्यालय स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। पहले अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया जाता था। लेकिन, कुछ साल पहले आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिए जाने की प्रक्रिया बंद कर दी गई थी।
परीक्षा देनी होगी, होगा मेडिकल
सिपाही से एएसआई और एसआई से डीएसपी बनने की ख्वाहिश रखने वाले अधिकारियों और जवानों को इसके लिए विभागीय परीक्षा देनी होगी। यह परीक्षा लिखित व शारीरिक प्रशिक्षण पर आधारित हो सकती है। यह परीक्षा पास करने वालों को ही अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। इसके लिए प्रतिवर्ष पुलिस अधिकारियों और जवानों का पुलिस मुख्यालय स्तर पर मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा। डीजीपी की वीडियो क्रॉन्फेंसिंग बुधवार को पूरे प्रदेश में प्रसारित हुई। इसके जरिए डीजीपी ने यह बात प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों तक पहुंचाई। उन्होंने इस प्रक्रिया के लिए प्रदेश जिलों के पुलिस अधिकारियों और जवानों से सुझाव भी बुलाए हैं, जिससे इसे और बेहतर बनाया जा सके।
बेहतर होगी कार्यशैली, प्रतियोगिता की भावना
अधिकारियों की मानें, तो इस योजना को शुरू करने के पीछे का मकसद पुलिस अधिकारियों और जवानों में प्रतियोगिता की भावना लाना और उन्हें और बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
जल्द लागू होगी व्यवस्था
मध्यप्रदेश पुलिस में डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ल के अनुसार एसआई को सीधे डीएसपी और सिपाही को सीधे एएसआई बनाने की कार्य योजना पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
प्रतिवर्ष पद
70 डीएसपी
700 एएसआई
इन्हें मिलेंगे अतिरिक्त अंक
एसआई
कम से कम पांच साल का सेवाकाल
स्वयं का स्किल डेवलपमेंट
तीन वर्ष पुलिस की एक्टिव कंपनी में तैनाती
देहात के थानों में तैनाती
दुष्कर क्षेत्रों में तैनाती
मेडिकल फिटनेस
अधिक से अधिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले
सिपाही
स्वयं का स्किल बढ़ाने वाले
राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले
स्वेच्छा से दुष्कर इलाकों में तैनाती पाने वाले
सेवाकाल के दौरान सजा न पाने वाले
संगीन अपराधों की विवेचना में सहयोग करने वाले
ड्यूटी से एक भी बार गैर हाजिर न होने वाले
अपराधियों पर शिकंजा कसने वाले
Published on:
09 Jan 2018 10:07 am

