12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस अदालत ने एक दिन में किया 47 हजार से अधिक मुकदमों पर फैसला, देखें वीडियो

कोर्ट केस में बिल्डर से मिले 1 करोड़ रुपए

2 min read
Google source verification
national lok adalat in mp high court latest news in hindi,national lok adalat,National Lok Adalat,national lok adalat in jabalpur,procedure of lok adalat,lok adalat cases status,lok adalat act,lok adalat action in alwar,jurisdiction of lok adalat,powers of lok adalat,lok adalat dates 2018,lok adalat case study,lok adalat in india,national legal services authority act,national legal services authority chairman,Jabalpur High Court,MP High Court,Jabalpur,

national lok adalat in mp high court latest news in hindi

जबलपुर। लम्बे अरसे से मप्र वित्त निगम के अधिकारी परेशान थे कि बिल्डर से करीब एक करोड़ रुपए से अधिक की वसूली कैसे की जाए? 2015 से अदालत में विवाद लम्बित था। शनिवार को नेशनल लोक अदालत के दौरान एक मामले में 29 लाख सहित 30 मामलों में दीक्षित बिल्डर्स प्रालि ने कुल एक करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया। इस अदालत ने शनिवार को 47 हजार से अधिक मुकदमों का सुनवाई और समझौते के बाद निराकरण कर दिया। इसके बाद पक्षकारों के चेहरों पर बरसों बाद न्याय की मुस्कान देखी गई।

प्रीलिटिगेशन के मामले अधिक

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में प्रदेश भर की जिला, तहसील अदालतों व सरकारी कायाज़्लयों में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें सुनवाई के लिए राज्य से प्रीलिटिगेशन के कुल 327417 मामले रखे गए। इनमें से 29443 का निराकरण हुआ। न्यायालयों में लम्बित 209678 मामले सुनवाई के लिए रखे गए। इनमें 18519 में समझौता हुआ। अंतिम समाचार मिलने तक कुल 47962 मामले नेशनल लोक अदालत के दौरान निराकृत किए गए। प्राधिकरण के सदस्य सचिव ब्रजेंद्र भदौरिया, अतिरिक्त सचिव आनंद तिवारी, उप सचिव श्रीष कैलाश शुक्ला, विधिक सहायता अधिकारी पूनम तिवारी, मनीष कौशिक, राजेश सक्सेना का योगदान था।

जिला अदालत में निपटे 1911 प्रकरण
जिला अदालत परिसर जबलपुर में विभिन्न सरकारी विभागों व गैर सरकारी संस्थानों ने स्टॉल लगाए थे। यहां अधिकारियों ने पक्षकारों के साथ समझौता कराने में अहम भूमिका निभाई। जिला अदालत में कुल 1034 लम्बित मामलों का निराकरण हुआ। वहीं, प्रीलिटिगेशन स्तर के 680 प्रकरणों में भी समझौते हुए।

इन मामलों में समझौते

आपराधिक शमनीय प्रकरण, पराक्रम्य अधिनियम की धारा 138 के अन्तगज़्त चेक बाउंस प्रकरण, बैंक रिकवरी सम्बंधित मामले, मोटर दुघज़्टना क्षतिपूतिज़् दावा प्रकरण, श्रम विवाद, विद्युत एवं जल कर, बिल सम्बंधी प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण तथा सेवानिवृत्ति सम्बंधी लाभों से जुड़े सेवा मामले, राजस्व प्रकरण, दीवानी मामले, प्रिलिटिगेशन (मुकदमा पूवज़्) के प्रकरण।

आंकड़ों की जुबानी

प्रदेश भर में सुनवाई के लिए रखे गए लम्बित मामले- 209678
निराकृत लम्बित मामले- 29443
प्रदेश भर में सुनवाई के लिए रखे गए प्रीलिटिगेशन के मामले- 327417
निराक ृत प्रीलिटिगेशन के विवाद- 18519
कुल रखे गए मामले- 537095
कुल निराकृत- 47962
कुल अवाडज़्, राजस्व वसूली- 1,59,82,26,777 रुपए