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National Vaccination Day 2024: अगर बच्चों को बीमारियों से बचाना है तो ये टीके लगवाना न भूलें

National Vaccination Day 2024: टीकाकरण के फायदों को लेकर लोगों को अवेयर करने के लिए हर साल 16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया जाता है...इन टीकों के बारे में जरूर जान लीजिए जो आपके बच्‍चों के लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी हैं। यह न केवल उन्‍हें बीमारियों से बचाएंगे बल्कि उन्‍हें आगे भी स्‍वस्‍थ्‍य रखेंगे।
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छोटे बच्चों को कई तरह की गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगवाना बहुत जरूरी है। बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होने की वजह से उनमें वायरल इंफेक्शन जल्दी होता है और इससे बच्चों को बचाने के लिए जन्म के साथ ही सभी बच्चों का टीकाकरण कराना चाहिए ताकि भविष्य में उसे किसी गंभीर बीमारी का सामना ना करना पड़े। बता दें कि बच्चों के लिए पोलियो टीकाकरण के साथ-साथ हेपेटाइटिस ए, टाइफाइड, मेनैक्ट्रा वैक्सीन और कई अन्य टीके लगवाना बहुत जरूरी है।

जबलपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा संजय मिश्रा का कहना है कि वैक्सीन के महत्व का सबसे बड़ा उदाहरण कोरोना काल में देखने को मिला था। जिन लोगों ने कोरोना काल के समय वैक्सीन लगवाई थी उनको ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। टीकाकरण के फायदों को लेकर लोगों को अवेयर करने के लिए हर साल 16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया जाता है। हाल ही एडल्ट वैक्सीनेशन भी शुरु हुआ है। जो 18 वर्ष से अधिक उम्र के लिए है। साथ ही 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग जिनका वजन 45 से भी कम है, उन्हें एडल्ट वैक्सीन लगवाना अनिवार्य है। जो लोग 60 वर्ष से अधिक है जिनको गंभीर रोग नहीं है, वे भी एडल्ट वैक्सीन लगवा सकते है।


राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस भारत में पहली बार 1995 में 16 मार्च को मनाया गया था। इस दिन सरकार ने पोलियो मुक्ति के लिए "प्लस पोलियो अभियान" की शुरुआत की। इसमें बच्चों को पहली बार पोलियो वैक्सीन दी गई थी।


एमएमआर (Measles ,Mumps, and Rubella)
छोटे बच्चों के लिए एमएमआर वैक्सीन या टीका बहुत जरूरी है। यह टीका उन्हें बुखार, खांसी, गले में दर्द, निमोनिया, भूख न लगना, थकान, नाक का बहना जैसी समस्याओं से बचाता है। इस टीके को 11-12 वर्ष की उम्र में लगाया जा सकता है और इसे 6 महीने के अंतराल पर दिया जाता है।
बताते दें कि इसका पूरा नाम डिप्थीरिया-टेटनस-पर्टुसिस है। टिटनेस एक गंभीर बैक्टीरियल इंफेक्शन है जिसमें बच्चों को खाने, पीने, सांस लेने में परेशानी होती है। इस टीके से इंफेक्शन से बचाव होता है

हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A)
पीलिया बच्चों में सामान्य समस्या है, लेकिन इस बीमारी की वजह से नवजात शिशु को खतरा हो सकता है। इससे बचाव के लिए हेपेटाइटिस ए का टीका लगाना जरूरी होता है। यह टीका भी एमएमआर की तरह छह महीने के अंतराल पर दो बार लगाया जाता है।

वैरिकाला वैक्सीन (Varicella Vaccine)
चिकन पॉक्स के बचाव के लिए, वेरिकेला वैक्सीन या टीका देना बहुत जरूरी है। इस टीके की पहली डोज 12-18 महीने की उम्र के बच्चों को दी जाती है और दूसरी डोज 4-6 साल के दौरान देना होता है।

मेनैक्ट्रा वैक्सीन (Meningococcal vaccine )
मेनैक्ट्रा वैक्सीन या टीका मेनिंगोकोकल बीमारी से बचाती है। इस बीमारी में तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी, रैशेज जैसे लक्षण हो सकते हैं। बच्चों को 9-23 महीने की उम्र में मेनैक्ट्रा वैक्सीन या टीका लगाना चाहिए, लेकिन यह किसी डॉक्टर की सलाह पर ही इसे लगवाना चाहिए।

टाइफाइड का टीका(Typhoid vaccine)
बच्चों की डिफेंस सिस्टम कमजोर होने के कारण उन्हें वायरल इंफेक्शन आसानी से हो जाता है, जैसे टाइफाइड बुखार। इस बीमारी से बचाव के लिए 6 महीने की उम्र में बच्चों को टाइफाइड टीका दिया जा सकता है।