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इस स्टेट हाइवे से गुजरने पर नहीं देना होगा टोल टैक्स

हाईकोर्ट में अवमानना याचिका पर सरकार ने दिया जवाब, जबलपुर-नरसिंहपुर-पिपरिया एसएच 22 का मामला 

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awkash garg

May 10, 2016

High Court

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जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से बयान दिया गया है कि एसएच 22 जबलपुर-नरसिंहपुर-पिपरिया मार्ग पर टोल टैक्स वसूली का ठेका निरस्त कर दिया गया है। इस बयान को रिकार्ड पर लेकर जस्टिस राजेंद्र मेनन व जस्टिस एके श्रीवास्तव की युगलपीठ ने उस जनहित याचिका का निराकरण कर दिया है, जिसमें इस मार्ग की बदहाली को देखते हुए टोल टैक्स वसूली बंद किए जाने की मांग की गई थी।

यह है मामला
नरसिंहपुर जिले के विनायक परिहार ने याचिका दायर कर कहा गया है कि राज्य के राजमार्गों बदहाली चरम सीमा तक पहुंच चुकी है। इनका समुचित रखरखाव नहीं किया जा रहा है। इस कारण सफर में यात्रियों को सामान्य से दोगुना-तिगुना समय लग रहा है, जबकि ठेकेदार को ठेका ही इस शर्त पर दिया गया था कि वह इसका मेन्टेनेंस करता रहेगा। एेसी दशा में ठेकेदार को टोल टैक्स वसूलने का कोई हक नहीं है।

रोक के बावजूद वसूली
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता स्नेह मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि गत 18 अप्रैल को कोर्ट ने उनके आग्रह पर इस राजमार्ग के सभी टोल नाकों से टोल टैक्स वसूली पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद वसूली जारी रहने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर 29 अप्रैल को कोर्ट ने एमपीआरडीसी डायरेक्टर मनीष रस्तोगी को अवमानना नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि 30 मई को एमपीआरडीसी ने उक्त सड़क पर टोल वसूली के ठेके को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने याचिका का मकसद पूरा होने पर याचिका का निराकरण कर दिया।

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