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जबलपुर. सिहोरा. समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीदी के दौरान गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए सिहोरा के हरगढ़ क्षेत्र में बनाए गए साइलो बैग का बुधवार को शुभारंभ हो गया। ट्रैक्टरों से अपनी उपज लेकर पहुंचे किसानों का अधिकारियों ने तिलक लगाकर स्वागत किया। बाद में किसानों की उपज की सैम्पलिंग (एफएक्यू मानक परीक्षण) के बाद गेहूं को ग्रेटर कार्ड के माध्यम से साइलो बैग में भंडारित किया गया। पहले ही दिन 9 समितियों के 70 किसानों की 300 मैट्रिक टन (3 हजार क्विंटल) गेहूं को साइलो बैग में रखा गया। साइलो बैग की शुरुआत होते ही किसान अपनी उपज लेकर हरगढ़ पहुंचने लगे थे।
सुबह करीब 11 बजे सिहोरा एसडीएम गौरव बैनल ने फीता काटकर साइलो बैंक का शुभारंभ किया। वेयरहाउस लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के रीजनल मैनेजर सुनील गोखे, सिहोरा मैनेजर जेपी गौर, शिवराम फूड इंस्पेक्टर पीएल राय और साइलो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ब्रांच मैनेजर संतोष जोशी ने ट्रैक्टर से अनाज लेकर पहुंचे किसानों का तिलक लगाकर स्वागत किया।
यह होगी अनाज भंडारण की प्रक्रिया
किसान सोसाइटी प्रतिनिधि के साथ अनुमानित मात्रा और रजिस्ट्रेशन नंबर लेकर पहुंचेगा। जहां पार्किंग नेहा नाज की ट्रॉली को नंबर देकर खड़ा कराया जाएगा। किसान को एक नंबर से 10 नंबर तक का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद किसान ट्रॉली लेकर माल की सैम्पलिंग कराने के लिए बनी प्रयोगशाला में पहुंचेगा। प्रयोगशाला में एफएमक्यू की मानक स्तर में पास होने पर गेहूं से लदी ट्रॉली की कांटे से तुलाई कराई जाएगी। तौल होने के बाद गेहूं से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली को एक टैंक में पहुंचा कर पूरा गेंहू उस टैंक में डाल दिया जाए। प्रेशर मशीन के द्वारा उस गेहूं को ग्रेडर कार्ड मशीन द्वारा खींचकर ट्रैक्टर ट्रॉली के माध्यम से साइलो बैक तक पहुंचाया जाएगा। जहां दूसरी मशीन से प्रेशर द्वारा संबंधित ट्राली में रखे गेहूं को साइलो बैग में भरा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 20 मिनट का समय लगेगा।
किसानों को यह होगा फायदा
अभी तक सोसाइटी में होने वाली खरीदी के दौरान गेंहू गेहूं की तौल 51 किलो प्रति कट्टी होती थी। इसके अलावा किसानों से परिवहन, बोरी की छपाई, तुलाई तक का पैसा वसूल किया जाता था। किसान मैसेज आने के बाद 10 से 15 दिनों तक पड़े रहते थे। बारदानों की कमी के कारण तौल का काम रुक जाता था, साथ ही परिवहन भी ठप हो जाता था, लेकिन साइलो बैग में उपज के भंडारण से किसानों को फायदा ही फायदा होगा। सिहोरा तहसील की एक और मझौली तहसील की आठ समितियों में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का केंद्र प्रशासन ने हरगढ़ बना दिया है। अब संबंधित सोसायटी का अपनी उपज लेकर सीधे ट्रैक्टर ट्रॉली से साइलो बैग पहुंचेगा।
प्रदेश का छठवां साइलो बैग
हरगढ़ में बना साइलो बैग प्रदेश का छठवां साइलो बैग है, इसके पहले 2012 में होशंगाबाद की बाबई, सिवनी की सरगापुर, भोपाल के बैरसिया, सीहोर के श्यामपुर, शयोपुर कलां की सलामपुर में और छठवां जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के हरगढ़ में बना।
खास खास
- 32600 मैट्रिक टन अनाज भंडारित होगा साइलो बैग में।
- सिहोरा तहसील की एक और मझौली तहसील की आठ समितियों की उपज होगी भंडारित।
- वेयरहाउस लॉजिस्टिक कार्पोरेशन और प्रशासन अन्य समितियों का केंद्र बना सकता है साइलो बैग को।
- एक साइलो बैग की लंबाई करीब 250 फुट और चौड़ाई 29 फुट है।
- 11-11 एकड़ में बनी साइलो बैग में करीब 100 से 125 बैग लगाए जाएंगे।
Published on:
02 May 2019 10:00 am
