
pitra paksha 2018- special story for money
जबलपुर। 24 सितंबर से श्राद्ध पक्ष शुरू हो चुके हैं। आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरु हुआ यह पक्ष पितृतोक्ष अमावस्या तक चलेगा। यह समय श्राद्ध या महालय पक्ष भी कहलाता है। माना जाता है कि इस पक्ष में पितर यम लोक से 16 दिनों के लिए धरती पर आते हैं। इसलिए इन 16 दिनों में अपने पितरों को सम्मान देकर उनका ऋण उतारने के लिए उन्हें तर्पण किया जाता है।
श्राद्ध पक्ष में पितरों के साथ ही ब्राह्मण, गाय, कुत्ता और कौवे को भी भोजन
धर्म ग्रंथों के अनुसार पूर्वजों में पिता को वसु के समान, दादा को रुद्र देव और परदादा को सूर्य देव के समान माना जाता है। श्राद्ध पक्ष में पितरों के साथ ही ब्राह्मण, गाय, कुत्ता और कौवे को भी भोजन दिया जाता है। कौवे को पितर का रूप माना जाता है। कौआ असल में यमराज के संदेश वाहक होता है। कौआ का धन आगम से भी रिश्ता है। कोई कौवा अनाज के ढेर पर बैठा मिले तो भी धन-संपत्ति लाभ का होता है। गरुड़ पुराण में इसका उल्लेख भी किया गया है। कौए को देवपुत्र भी माना गया है।
कौआ ऐसा करे तो होगा शुभ
शास्त्रों में कौआ की हरकतों के आधार पर कई बातें बताई गई है। कहा गया है कि अगर कोई कौआ गाय की पीठ पर चोंच को रगड़ता दिखे, तो बहुत अच्छा भोजन मिलता है। कोई कौआ चोंच में फूल-पत्ती लेकर बैठा दिखे, तो माना जाता है कि आपके मनोरथ पूरे होने वाले हैं।
धनलाभ और कौआ- कौआ का धन आगम से भी रिश्ता
कौआ का धन आगम से भी रिश्ता है। कोई कौआ चोंच में तिनका लाते दिखे, तो धन लाभ होता है। अगर कौआ शूकर की पीठ पर बैठा दिखाई दें तो यह बेहद शुभ लक्षण है। माना जाता है कि इससे अकूत धन-दौलत मिलती है। कोई कौवा अनाज के ढेर पर बैठा मिले तो भी धन-संपत्ति लाभ का होता है।
Published on:
26 Sept 2018 02:57 pm
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