
Gorabazar police
जबलपुर . गोराबाजार पुलिस कर्मियों की बर्बरता के निशान किसान के शरीर पर पड़े डंडे के निशा बयां कर रहे थे। पीएम करने वाले चिकित्सक तक दहल गए। कमर से नीचे पूरा शरीर पुलिस की पिटाई से काला पड़ गया था। तीन दिनों तक वह घर पर ही बिस्तर पर पड़ा रहा। डायल-100 में परिजनों ने शिकायत की तो थाने जाने की सलाह दी गई। थाने में टीआई से बात की तो वे किसान को ही थाने बुलाने लगे। पुलिस की पिटाई से अपंग सा हो गया किसान बेबसी में पड़ा रहा। रविवार को खून की उलटी होने के बाद परिजन निजी अस्पताल ले गए। दो बॉटल खून चढ़ाया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
बिलखते हुए पत्नी बोली, मेरे पति कोई अपराधी थे क्या?
छेवरा तिलहरी निवासी बंशीलाल कुशवहा (50) की मौत के बाद शव से लिपट कर बिलखती पत्नी पूनम ने दोषी पुलिस कर्मियो के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की। पति के शरीर के जख्म दिखाते हुए बोली कि मेरे पति खेती-किसानी करते थे, कोई अपराधी नहीं थे। इस तरह कोई मारता है क्या? मेरे दो बेटे हैं, मैं उन्हें लेकर कहां जाऊं। पत्नी पूनम और दो बेटों गनेश (15) व साहिल (13) की जिम्मेदारी थी। बंशीलाल की मौत पर सभी का रो-रो कर हाल बेहाल हो गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी भरत यादव ने बंशी कुशवाहा की मौत होने पर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच एसडीएम मनीषा वास्कले द्वारा की जाएगी। कलेक्टर ने मृतक बंशी कुशवाहा की पत्नी पूजा कुशवाहा को 50 हजार रूपए की राहत सहायता रेडक्रॉस के माध्यम से प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
ये थी घटना
छेवरा तिलहरी निवासी बंशीलाल कुशवहा (50) 16 अप्रैल को खेत की तरफ अपनी गाय देखने गए थे। आरोप है कि जुआफड़ की सूचना पर पहुंचे गोराबाजार थाने के एएसआई आलोक सिंह, प्रधान आरक्षक मुकेश पटारिया, आरक्षक राकेश सिंह, गुड्डू सिंह, बृजेश, आशुतोष की टीम ने बंशीलाल की पिटाई की और बेहोशी की हालत में छोडकऱ चले गए। तीन दिन बाद बंशीलाल की मौत के बाद आक्रोशित परिजन शव लेकर गोराबाजार थाने पहुंचे, तो पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर रवाना कर दिया।
टीआई से मांगा स्पष्टीकरण
एसपी अमित सिंह के मुताबिक पूर्व में ही सभी टीआई को निर्देश दिया गया था कि किसी भी आम लोग के साथ सख्ती से पेश नहीं आना है। किसी के साथ मारपीट की वारदात आई तो टीआई जिम्मेदार होंगे। टीआई दिलीप श्रीवास्तव को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीएसपी केंट अखिल वर्मा को 24 घंटे में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिया है।
राज्यसभा सांसद मदद को आगे आए
राज्य सभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने मृतक के परिजनों को 25,000 हजार रुपए सहायता मदद दी है। बंशीलाल के दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करने का आश्वासन दिया। केंट बोर्ड उपाध्यक्ष अभिषेक चौकसे ‘चिंटू’ ने मुख्यमंत्री से पीडि़त परिवार की मदद और सरकारी नौकरी दिलवाने की मांग की।
Published on:
21 Apr 2020 10:20 am
