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जबलपुर. सिहोरा. बुढ़ानसागर तालाब के अस्तित्व को भू-माफिया पूरी तरह से खत्म करने में लगे हैं। तालाब को पूरकर पक्के मकान बन गए हैं, वहंी दूसरी तरफ बाड़ी लगाकर कब्जा कर खेती हो रही है। धीर-धीरे खेती की भूमि को पूरकर उस पर भी पक्के मकान बना लिए जाएंगे। चोरी-छुपे तरीके से चल रह काम प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार पूरी तरह आंखें बंद कर बैठे हैं। तालाबों के संरक्षण और अतिक्रमण मुक्त कराने का जिम्मा प्रशासन का है।
राजस्व रिकार्ड में २५४ एकड़ में बचे गांधीग्राम में स्थित बुढ़ानसागर (ब्यौहार सरोवर) तालाब पर भू-माफिया के कब्जे को लेकर तत्कालीन सिहोरा एसडीएम फ्रेंक नोबेल ए ने ६ जून २०१६ को तालाब के अस्तित्व को बरकरार रखने जिला सतर्कता अधिकारी को पत्र लिखा था, जिसमें तालाब में हो रहे कब्जे की जांच रिपोर्ट भी शामिल थी, लेकिन इसके बाद अतिक्रमण करने वालों पर कोई कार्रवाई हुई। करीब दो सालों में तालाब का जगह-जगह पूरकर अतिक्रमण कर मकान बनते गए। वर्तमान स्थिति में तालाब पर एनएच ७ रोड पर पक्के मकान, दुकानों सहित धर्मकांटा खड़ा हो गया है।
निस्तार की जमीन पर प्लाटिंग, ग्रामीणों ने की थी शिकायत
भू-माफिया किस तरह तालाब का खत्म करने की साजिश रच रहे थे। इस बात भी भनक तक प्रशासन तक को नहीं थी। राजस्व रिकार्ड में निस्तार पत्रक में दर्ज तालाब की भूमि को भू-माफिया ने मालिकों से सांठ-गांठ कर खरीद लिया। तालाब को पूरकर उसमें प्लाटिंग की जा रही थी। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने तत्कालीन सिहोरा तहसीलदार तृप्ति पटेरिया से की थी। तहसीलदार ने इस मामले में मालिक और संबंधित लोगों को १७ जून २०१६ को नोटिस जारी कर स्वरूप परिवर्तन पर रोक लगा दी थी।
बुढ़ानसागर तालाब की भूमि पर जितने भी अतिक्रमण हैं, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। पटवारी से जांच प्रतिवेदन आने के बाद संबंधित अतिक्रमणों को लेकर कार्रवाई की जाएगी।
उमा माहेश्वरी, एसडीएम, सिहोरा
Published on:
06 Apr 2018 01:52 am
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