
tuition fees
जबलपुर। मध्यप्रदेश में पिछले कुछ समय से चला आ रहा फीस का मामला एक बार फिर टल गया है। सोमवार को सीबीएसई ने अपना पक्ष नहीं रखा, इसलिए कोर्ट ने 24 अगस्त तक जवाब पेश करने का अंतिम मौका दिया है। फैसले की सुनवाई अब 24 अगस्त को होगी।
मध्यप्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को कटघरे में खड़ा करने वाली जनहित याचिका के मामले में सीबीएसई को सोमवार को अपना पक्ष प्रस्तुत करना था। अब 24 अगस्त तक उसे जवाब पेश करना होगा। इस मामले में जनहित याचिकाकर्ता ने संशोधन अर्जी दायर की है।
इससे पहले 28 जुलाई को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे। उसमें एक अहम बात यह थी कि मध्यप्रदेश के सभी निजी स्कूलों को सख्त हिदायत दी गई थी कि कोरोनाकाल में स्कूल फीस जमा न करने के आधार पर किसी भी स्टूडेंट का नाम नहीं काटा जाए। इस दिशा-निर्देश का पालन करने के साथ ही मामले की 10 अगस्त को रखी गई थी।
मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार मित्तल व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष जनहित याचिकाकर्ता नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के प्रांताध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा था। जबकि राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता पुरुषेंद्र कौरव व उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने जवाब प्रस्तुत किया था। इसके जरिए साफ कर दिया गया कि राज्य के सभी निजी स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस लेने का अधिकार है, अन्य कोई भी शुल्क वसूलने की मनाही है।
Published on:
10 Aug 2020 05:13 pm
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