
जबलपुर. रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी में भी रैगिंग का मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी के देवेन्द्र बॉयज हॉस्टल में सीनियर्स के द्वारा जूनियर छात्रों की रैगिंग करने की शिकायत बीते दिनों एक छात्र ने यूजीसी की एंटी रैगिंग कमेटी से की थी जिसकी जांच के लिए यूजीसी की ओर से रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी को पत्र लिखा गया था। छात्र का आरोप है कि हॉस्टल में सीनियर्स ने आधी रात को उसे जबरदस्ती शराब पिलाई और न पीने पर तरह तरह से प्रताड़ित करने की धमकी दी थी। मामला जून महीने के अंत का है।
RDVV में रैगिंग
जानकारी के मुताबिक देवेन्द्र हॉस्टल में रहने वाले बीएएमसी (BAMC) के फर्स्ट ईयर के छात्र ने यूजीसी की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत भेजी थी जिसमें उसने बताया था कि हॉस्टल के चार सीनियर्स जूनियर्स को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। पीड़ित छात्र ने आरोप लगाते हुए बताया था कि रात में उसे सीनियर्स जबरन शराब और सिगरेट पीने के लिए मजबूर करते हैं और ऐसा न करने पर नग्न करके छात्रावास में घुमाते हैं और सिगरेट से दागते हैं। इतना ही नहीं रात 2.30 बजे उसे जबरन ठंडे पानी से नहलाया जाता है और पूरी रात कुर्सी में बांधकर रखा जाता है।
यूनिवर्सिटी एंटी रैगिंग कमेटी ने आरोपो को बताया निराधार
यूजीसी की तरफ से यूनिवर्सिटी को लिखे गए पत्र के बाद यूनिवर्सिटी की एंटी रैगिंग कमेटी ने मामले की जांच की और समिति कि अध्यक्ष शैलेश चौबे का कहना है कि जो शिकायत की गई थी वो निराधार है। जांच के दौरान कमेटी के सामने हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने इस तरह की घटना होने से इंकार किया है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि हॉस्टल में सीनियर्स के द्वारा जूनियर्स से लंबे समय से अभद्र व्यवहार किया जाता रहा है लेकिन सीनियर्स के दवाब व अन्य कारणों से जूनियर्स सीनियर्स के खिलाफ बयान नहीं दे पाते हैं।
Updated on:
4 Aug 2022, 9:51 PM IST
Published on:
4 Aug 2022, 9:51 PM IST
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