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#railwayjunction में 6 प्लेटफॉर्म, फिर भी आउटर पर खड़ी हो रहीं ट्रेन

#railwayjunction में 6 प्लेटफॉर्म, फिर भी आउटर पर खड़ी हो रहीं ट्रेन  

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Jabalpur Railway Station

Jabalpur Railway Station

जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) मुख्यालय स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ट्रेनें देरी से पहुंच रही हैं। इनमें से अधिकांश को आउटर या छोटे स्टेशनों पर रोक दिया जाता है। जबकि इस समस्या से निपटने के लिए छह प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। प्लेटफॉर्म को एक-दूसरे से कनेक्ट करने के लिए टर्न आउट (क्रॉस ओवर) लगाए गए हैं। इसके बावजूद रीवा इंटरसिटी और राजकोट एक्सप्रेस को मुख्य स्टेशन पहुंचने से पहले आउटर या छोटे स्टेशनों पर रोक दिया जाता है।

ये है स्थिति
●106 ट्रेनें गुजरती हैं जबलपुर स्टेशन से प्रतिदिन
●14 ट्रेनें जबलपुर से होती हैं शुरू
●100 से अधिक टर्न आउट
●02 ट्रेनों रीवा इंटरसिटी, राजकोट को आउटर या छोटे स्टेशनों पर रोका जाता है

आउटर पर रुक रही रीवा इंटरसिटी, राजकोट एक्सप्रेस
रीवा और राजकोट से आने वाली इन ट्रेनों को रोजाना प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से पहले आउटर या अधारताल, मदन महल स्टेशन पर रोक दिया जाता है। प्लेटफॉर्म क्लीयर होने पर ही उन्हें रवाना किया जाता है। जानकारों की मानें तो इन्हें आउटर पर आधा-आधा घंटा रोका जाता है।

106 ट्रेनें रोज गुजरती हैं
पश्चिम मध्य रेल (पमरे) मुख्यालय स्टेशन से 24 घंटे में 106 ट्रेनें गुजरती हैं। इसमें जबलपुर से प्रारंभ होने वाली ट्रेनें भी शामिल हैं। जबलपुर स्टेशन से रवाना होने वाली ट्रेनों में रीवा इंटरसिटी, हबीबगंज इंटरसिटी, राजकोट एक्सप्रेस, ओवर नाइट एक्सप्रेस, अमरावती एक्सप्रेस, महाकोशल एक्सप्रेस, श्रीधाम एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस, गरीबरथ एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, जम्मूतवी एक्सप्रेस सहित अन्य तीन ट्रेनें शामिल हैं।

ये था दावा
रेलवे के तत्कालीन महाप्रबंधक का दावा था कि प्लेटफॉर्म का विस्तार होने से ट्रेनों के परिचालन में आसानी होगी। उन्हें खाली प्लेटफॉर्म पर आसानी से लिया जाएगा। इससे आउटर पर ट्रेन नहीं खड़ी होगी। लेकिन ट्रेनों का प्लेसमेंट यथावत रहा। क्रॉस ओवर के जरिए कुछ ही ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले जा रहे हैं। आउटर पर रुकने वाली दो ट्रेनों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।

ये है क्रॉस ओवर

ट्रेनों को एक पटरी से दूसरी पटरी पर लेने के लिए क्रॉस ओवर का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें प्लेटफॉर्म के छोर पर लगाया गया है। मेन लाइन से आने वाली ट्रेनों को प्लेटफॉर्म पर लेने के लिए क्रॉस ओवर बदले जाते हैं। इसमें रूट रिले सिस्टम (आरआरआई) मदद करता है।