
प्रभाकर मिश्रा
जबलपुर. अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल भेड़ाघाट के अप्रतिम नैसर्गिक स्वरूप से खिलवाड़ हो रहा है। धुआंधार से महज कुछ दूरी पर मार्बल पार्क में पानी की पाइप लाइन बिछाने के नाम पर संगमरमरी चट्टानों को हथौड़े और जेसीबी से तोड़ा जा रहा है।
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लम्हेटा छोर पर बने पुल के ठीक किनारे की अनेक शिलाओं को चूरकर सपाट कर दिया है। कंसल्टेंट व ठेकेदार इन अत्यंत प्राचीन और दुर्लभ शिलाओं को बीते कुछ दिनों से नष्ट करने पर आमादा हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने कांक्रीट के कॉलम खड़े किए जा सकते थे। कॉलम में पाइप लाइन को हैंग करना बेहतर विकल्प होता, लेकिन ऐसा न करके चट्टानों को तोड़ दिया गया।
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2 करोड़ साल पुरानी चट्टानें
भेडाघाट की धवल संगमरमरी चट्टान लगभग 2 करोड़ साल पुरानी बताई जाती हैं। इतिहासकार राजकुमार गुप्ता के अनुसार ये चट्टान दुनिया की सबसे पुरानी चट्टानों में शामिल हैं। इस इलाके में डायनासोर के जीवाश्म मिले थे। उन्होंने बताया कि मोहनजोडडो जैसी ऐतिहासिक फिल्म की यहां शूटिंग भी हों चुकी है। भेड़ाघाट शिल्पकला का भी बड़े केंद्र है। संगमरमर पर प्रतिमा गढ़ने में पारंगत शिल्पकारों की कला दुनियाभर के कलाप्रेमियों को लुभाती है।
संकट में विरासत
अफरोज खान ने कहा कि संगमरमर के अवैध खनन से पर्यटन स्थल के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वही तहसीलदार अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि लम्हेटाघाट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई जानी है। संबंधित एजेंसी ने सभी स्वीकृति ली हैं। जेसीबी पार्क में नीचे उतारने की अनुमति नहीं ली गई है। मौका मुआयना करेंगे।
Updated on:
07 Aug 2021 10:19 am
Published on:
07 Aug 2021 10:19 am
