
इशिता विश्वकर्मा
जबलपुर. शहर के विख्यात गजल गायक अंजनि विश्वकर्मा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनकी अंत्येष्टि तिलवारा में हुई, मुखाग्नि उनकी बेटी व शिष्या इशिता ने दी। बता दें कि अंजिन की दो बेटियां इशिता और अनुकृति है।
अंजनि विश्वकर्मा को छात्र जीवन से ही गायकी का शौक था जो आगे चलकर उनकी हॉबी ही नहीं बल्कि पेशा बन गया। बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गजल गायक जगजीत सिंह के गजल गाना उन्हें बेहद पसंद था। एक मुलाकात में जगजीत सिंह ने भी उनके गजल गायकी की मुक्त कंठ सराहना की थी।
अंजनि विश्वकर्मा ने छात्र जीवन से ही गायकी में खूब ख्याति अर्जित की। बताया जाता है कि अंजनि और तेजल की मुलाकात का जरिया संगीत ही बना, कालांतर में दोनों का विवाह हुआ। अंजनि ने अपने स्टूडियो में कई भजन, देवी गीत और अन्य गीतों की रिकार्डिंग की, जिन्हें बहुत प्रसिद्धि मिली। इसके साथ ही शहर के कलाकारों को पहली बार विदेश में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिला।
अंजनि विश्वकर्मा की पत्नी तेजल को भी गायकी से बेहद लगाव रहा। पति-पत्नी ने अपनी बड़ी बटी इशिता को संगीत की शिक्षा दी। माता-पिता की शिक्षा-दीक्षा का ही परिणाम रहा कि इशिता ने रियलिटी शो सारेगामापा 2018-19 सीजन में विजेता होने का गौरव अर्जित किया। इशिता के दादा गणेश प्रसाद विश्वकर्मा भी संगीत प्रेमी थे, जिनकी प्रेरणा से उनके पिता अंजनी विश्वकर्मा ने विधिवत संगीत का प्रशिक्षण लिया। मां तेजल विश्वकर्मा भी गायिका हैं। संगीत का हुनर इशिता को परिवार से ही मिला है।
Published on:
16 Oct 2021 02:39 pm
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