
video story: मासूम दिखने वाले लड़के निकल स्मगलर, लाखों की स्मैक बरामद
जबलपुर. संस्कारधानी अब नशीले पदार्थों की राजधानी बन गई लगती है। शहर स्मैक, गांजा, चरस, अफीम जैसे महंगे नशे की गिरफ्त में जकड़ रहा है। खासकर युवा पीढ़ी में नशे की लत की प्रवृत्ति बढ़ रही है। आलम ये है कि शहर में लूट, चोरी व नकबजनी की घटनाएं भी इसकी वजह से बढ़ रही हैं। बेलबाग, ओमती, घमापुर, अधारताल, हनुमानताल व गोहलपुर थाना क्षेत्र में बड़ी मात्रा में हर महीने स्मैक-गांजा खप रहा है। मुम्बई जैसे बड़े महानगर से तस्कर शहर में स्मैक की तस्करी कर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सम्भाग के कटनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, सिवनी के अलावा दमोह, सागर, बीना तक स्मैक की तस्करी की जा रही है। स्मैक की सबसे बड़ी मंडी जबलपुर और कटनी में है। अनुमान के मुताबिक कॉलेज में पढऩे वाले पांच प्रतिशत युवक स्मैक के नशे की गिरफ्त में हैं।
गली-मोहल्ले से तस्करी
शहर में कुछ क्षेत्रों में धड़ल्ले से स्मैक की तस्करी की जा रही है। यहां सुबह से स्मैक के लती पहुंचते हैं। स्मैक बेचने वालों की रसूख के चलते पुलिस भी कभी-कभार ही हाथ डालती है। १७ मई को बेलबाग पुलिस की गई ३०० ग्राम स्मैक की जब्ती और गिरफ्तारी से भी इस क्षेत्र में नशे की तस्करी की पुष्टि होती है।
छूट सकता है स्मैक का नशा
नशे की गिरफ्त में फंसे युवक इससे छुटकारा भी पा सकते हैं। बशर्ते उन्हें परामर्श केंद्र में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। परामर्श केंद्र में काउंसलर अमित कुमार के मुताबिक कई बार ऐसा होता है कि नशामुक्तजीवन जीने की आस में लोग आते हैं, लेकिन धैर्य खोकर वापस उसी की गिरफ्त में फंस जाते हैं। रिटायर्ड एसपी अशोक शुक्ला के अनुसार शहर में नशे की तस्करी से पुलिस अनभिज्ञ नहीं है। कानून की सख्ती के साथ ही समाज में नशे से बचने की जागरुकता भी जरूरी है। पुलिस को निष्पक्ष होकर युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सख्त अभियान चलाना होगा।
यहां मौजूद हैं परामर्श केंद्र
जबलपुर नशामुक्ति केंद्र, रामपुर सदभावना नशामुक्ति केंद्र, शांतिनगर. सेंट्रल जेल और कुछ प्राइवेट अस्पताल।
Published on:
20 May 2018 09:33 am
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